Ganeshotsav 2026: मुंबई में डेढ़ दिन के बप्पा का विसर्जन शुरू; पहले दिन दोपहर तक शांतिपूर्ण ढंग से 79 मूर्तियों का हुआ विसर्जन
मुंबई में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए 12 दिवसीय गणेशोत्सव के दूसरे दिन यानी मंगलवार को 'डेढ़ दिन के गणपति' का विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ. बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विसर्जन के पहले दिन दोपहर 12 बजे तक शहर के प्राकृतिक समुद्र तटों और कृत्रिम तालाबों में कुल 79 प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन किया गया.
मुंबई: 12 दिवसीय गणेशोत्सव के उल्लास के बीच आर्थिक राजधानी मुंबई में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को डेढ़ दिन के बप्पा को भावभीनी विदाई देने का सिलसिला आरंभ हो गया. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, विसर्जन के पहले दिन दोपहर तक पूरी प्रक्रिया अत्यंत शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुई.
नगर निगम के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शहर भर में स्थापित विसर्जन स्थलों पर दोपहर 12 बजे तक कुल 79 मूर्तियों का विसर्जन दर्ज किया गया, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है. यह भी पढ़ें: Lalbaugcha Raja Live Darshan: लालबागचा राजा के आज दूसरे दिन, घर बैठे ऐसे करें बप्पा के दर्शन; पाएं आशीर्वाद
दोपहर तक हुआ 79 मूर्तियों का विसर्जन: बीएमसी के आंकड़े
Mid-Day की रिपोर्ट के अनुसार, परंपरा के अनुरूप कई श्रद्धालु अपने घरों में डेढ़ दिन के लिए भगवान गणेश की स्थापना करते हैं और दूसरे दिन दोपहर व शाम के समय विसर्जन करते हैं:
- 71 घरेलू गणेश प्रतिमाएं: पहले चरण में मुख्य रूप से घरों में स्थापित छोटी मिट्टी और पारंपरिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.
- 3 सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएं: कुछ चुनिंदा छोटे सार्वजनिक मंडलों ने भी डेढ़ दिन की पूजा पूरी कर बप्पा को विदाई दी.
- 5 हरतालिका मूर्तियां: भाद्रपद शुक्ल तृतीया पर महिलाओं द्वारा पूजी गई हरतालिका की प्रतिमाओं का भी निर्धारित जलस्रोतों में विसर्जन संपन्न हुआ.
चौपाटी से लेकर कृत्रिम तालाबों तक कड़े सुरक्षा प्रबंध
लाखों श्रद्धालुओं और विसर्जन जुलूसों की सुरक्षा व सुविधा को ध्यान में रखते हुए बीएमसी और मुंबई पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
- प्राकृतिक तटों पर व्यवस्था: गिरगांव चौपाटी, दादर, जुहू, वर्सोवा और पवई झील जैसे प्रमुख विसर्जन केंद्रों पर लाइफगार्ड्स (जीवनरक्षक), वॉच टावर, मोटर बोट और मेडिकल टीमों की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है.
- ईको-फ्रेंडली कृत्रिम तालाब: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने सभी 24 वार्डों में सैकड़ों कृत्रिम विसर्जन कुंड (Artificial Ponds) तैयार किए हैं, ताकि घरेलू मूर्तियों के विसर्जन से समुद्र और प्राकृतिक झीलों पर प्रदूषण का भार न पड़े.
- मुफ्त क्रेन और निर्माल्य कलश: बड़ी मूर्तियों के सुरक्षित विसर्जन के लिए बीएमसी द्वारा क्रेन सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं पूजा के फूलों और सामग्री के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विसर्जन स्थलों पर विशेष 'निर्माल्य कलश' रखे गए हैं.
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर होगा महापर्व का समापन
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ यह 12-दिवसीय उत्सव आने वाले दिनों में पांचवें, सातवें और दसवें दिन के विसर्जनों के साथ आगे बढ़ेगा.
उत्सव का भव्य और अंतिम समापन 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा, जब लालबागचा राजा, गणेश गल्ली (मुंबईचा राजा) और खेतवाड़ी जैसे मुंबई के ऐतिहासिक व विशाल सार्वजनिक मंडलों के विसर्जन जुलूस निकाले जाएंगे और लाखों की संख्या में श्रद्धालु समुद्र तटों पर बप्पा को अंतिम विदाई देंगे.