Ganesh Visarjan 2026: गिरगांव चौपाटी पर गणेश विसर्जन के लिए इवेंट प्लानर क्यों हायर कर रही BMC? जानें कारण और पूरा प्लान

मुंबई में गणेश विसर्जन की तैयारियों के तहत बीएमसी ने गिरगांव चौपाटी पर लॉजिस्टिक्स और वीआईपी मैनेजमेंट के लिए एक प्राइवेट इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी को हायर करने का फैसला किया है. जानिए इस फैसले की वजह और सुरक्षा इंतजाम.

Ganesh Visarjan 2026:  गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के सबसे प्रमुख विसर्जन स्थलों में से एक गिरगांव चौपाटी पर इस साल व्यवस्थाएं बदली-बदली नजर आएंगी. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 10वें दिन (अनंत चतुर्दशी) पर होने वाले विसर्जन समारोह के प्रबंधन के लिए एक पेशेवर इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी को नियुक्त करने का निर्णय लिया है. यह एजेंसी वीआईपी मूवमेंट, लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट, बड़ी मूर्तियों की कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की देखरेख करेगी.

बीएमसी का यह कदम चौपाटी पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ और सैकड़ों बड़ी सार्वजनिक मूर्तियों के विसर्जन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इसके अलावा, हाल ही में 'भुलेश्वरचा राजा' की मूर्ति गिरने से हुई दुर्घटना के बाद उत्सव के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

गिरगांव चौपाटी पर इवेंट एजेंसी को क्यों सौंपी जा रही जिम्मेदारी?

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन गिरगांव चौपाटी पर विशालकाय गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए विशेष लॉजिस्टिक्स की आवश्यकता होती है. बेहद ऊंची मूर्तियों के लिए लोहे और स्टील की प्लेटें बिछाई जाती हैं, जबकि 6 फीट से अधिक ऊंची मूर्तियों को समुद्र में गहरे पानी में ले जाने के लिए नावों का सहारा लिया जाता है.

एक बीएमसी अधिकारी ने बताया कि विशाल मूर्तियों के पहुंचने का समय अलग-अलग होता है; कुछ मंडल दोपहर 12 बजे पहुंचते हैं तो कुछ अगली सुबह 6-7 बजे तक आते हैं. बीएमसी के पास गिरगांव चौपाटी पर ऐसे बड़े पैमाने के आयोजन को अकेले संभालने के लिए आवश्यक मैनपावर और विशेषज्ञता की कमी है. यही कारण है कि इस काम के लिए टेंडर आमंत्रित कर पेशेवर एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं.

इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के दायरे में क्या-क्या काम होंगे?

अनुबंधित एजेंसी को विसर्जन स्थल पर कई लॉजिस्टिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी जाएंगी:

भीड़ प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा के अलग से होंगे इंतजाम

बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी केवल लॉजिस्टिक्स और आयोजकीय व्यवस्था देखेगी. सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का काम इसके दायरे से बाहर रहेगा.

भीड़ नियंत्रण और चौपाटी की सुरक्षा के लिए बीएमसी अलग से टेंडर जारी करती है. मुंबई फायर ब्रिगेड के माध्यम से प्रशिक्षित लाइफगार्ड्स (गोताखोर) तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा, समुद्र के भीतर विसर्जन को सुरक्षित रूप से पूरा कराने के लिए विशेषज्ञ तैराकों और विशेष सी-डाइवर्स की टीम तैनात की जाएगी.

'भुलेश्वरचा राजा' हादसे के बाद सुरक्षा की बढ़ी मांग

प्रशासन का यह फैसला हाल ही में भुलेश्वर में हुई एक दुखद घटना के बाद और महत्वपूर्ण हो गया है. 'भुलेश्वरचा राजा' की आगमन मिरवणूक (जुलूस) के दौरान लगभग 22 फीट ऊंची मूर्ति गिर गई थी, जिसमें मंडल के अध्यक्ष सहित दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए थे.

इस हादसे के बाद, मुंबई के सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर प्रशासन के सामने 10 सूत्रीय मांग रखी है. इसमें मुख्य विसर्जन मार्गों की मरम्मत, बिजली के तारों व पेड़ों की डालियों को छांटने और निर्माण सामग्री हटाने की मांग शामिल है.

गिरगांव चौपाटी का महत्व

मुंबई में दादर, बांद्रा, वर्सोवा, जुहू और अक्सा जैसे कई प्राकृतिक विसर्जन स्थल हैं, लेकिन गिरगांव चौपाटी सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है. हालांकि बीएमसी पूरे शहर में 290 से अधिक कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाती है, लेकिन बड़ी सार्वजनिक मूर्तियों के विसर्जन के लिए प्राकृतिक समुद्र तट ही प्राथमिक विकल्प होते हैं. पिछले वर्ष गिरगांव चौपाटी पर सार्वजनिक मंडलों की 7,000 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन किया गया था.

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