डाबर के शहद, घी और तेल पर '100% शुद्ध' लिखने पर FSSAI की रोक; जानें पूरा मामला

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने डाबर इंडिया के खिलाफ प्रोहिबिशन ऑर्डर जारी करते हुए कई खाद्य उत्पादों पर '100%' शुद्धता और प्राकृतिक होने के दावों पर रोक लगा दी है. FSSAI के अनुसार, ऐसे दावे अस्पष्ट हैं और उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं.

डाबर इंडिया (Photo Credits: X/@DaburIndia)

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) (FSSAI) ने प्रमुख एफएमसीजी (FMCG) कंपनी 'डाबर इंडिया' (Dabur India) के खिलाफ एक कड़ा आदेश जारी किया है. FSSAI ने कंपनी को अपने कई खाद्य और पेय उत्पादों पर '100% शुद्ध' और '100% प्राकृतिक' जैसे दावों का उपयोग करने से रोक दिया है.

इस नियामक कार्रवाई के बाद मंगलवार को शुरुआती कारोबार में डाबर के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. खाद्य सुरक्षा नियामक ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर अपनी सुधारात्मक कार्रवाइयों की विस्तृत 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (Action Taken Report) सौंपने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़ें: Energy Drinks Label: पेप्सी, रेड बुल और मोंस्टर को लेबल से 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द हटाने के लिए 90 दिनों का अल्टीमेटम; FSSAI का बड़ा फैसला

FSSAI ने क्यों जारी किया यह आदेश?

FSSAI के अनुसार, डाबर द्वारा अपने विज्ञापनों और पैकेजिंग पर "100% नेचुरल", "100% प्योर", '100% शुद्धता की गारंटी' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावों का इस्तेमाल किया जाना 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018' का सीधा उल्लंघन है.

नियामक ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के निरपेक्ष दावे अस्पष्ट हैं और इन्हें वस्तुनिष्ठ (Objectively) रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता. ऐसे अस्पष्ट दावों से आम उपभोक्ताओं के गुमराह होने की अत्यधिक आशंका रहती है.

कौन-कौन से डाबर उत्पाद हुए प्रभावित?

FSSAI का यह निषेध आदेश डाबर की आधिकारिक वेबसाइट और पैकेजिंग पर सूचीबद्ध कई प्रमुख उत्पादों पर लागू होता है, जिनमें शामिल हैं:

नियामक ने जांच में यह भी पाया कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल सिडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना मान्य FSSAI अनुमोदन के 'जैविक भारत' (Jaivik Bharat) का लोगो प्रदर्शित किया जा रहा था. इसके अलावा, प्रोसेस्ड और कंपाउंड खाद्य उत्पाद होने के बावजूद डाबर होममेड कोकोनट मिल्क पर "100% प्योरिटी" का दावा किया गया था, जो नियमों के तहत अनुमत नहीं है.

पहले दी गई चेतावनी को किया नजरअंदाज

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने बताया कि डाबर को पहले भी इन भ्रामक दावों को हटाने के निर्देश दिए गए थे. हालांकि, कंपनी ने अपनी वेबसाइट और प्रचार सामग्री से इन दावों को पूरी तरह नहीं हटाया, जिसके बाद यह प्रशासनिक आदेश जारी करना पड़ा.

डाबर इंडिया ने FSSAI का नोटिस मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि वह नियामक द्वारा उठाए गए बिंदुओं की समीक्षा कर रही है. कंपनी ने शुरुआती बयान में FSSAI के निष्कर्षों का खंडन नहीं किया है और स्थिति का आकलन कर उचित कदम उठाने की बात कही है.

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