NEET UG AIR 2 Panshul Bansal: ‘विरोध प्रदर्शन में समय गंवाने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान दिया’; नीट री-एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाले पांशुल बंसल ने साझा की अपनी रणनीति

नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाले नई दिल्ली के पांशुल बंसल ने अपनी सफलता का राज साझा किया है. देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पांशुल ने विरोध में शामिल होने के बजाय घर पर रहकर पढ़ाई करने और अपने स्कोर में सुधार करने का विकल्प चुना.

पांशुल बंसल (Photo Credits: X)

नई दिल्ली: देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा (Re-examination) में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाले पांशुल बंसल (Panshul Bansal) ने एक अलग राह चुनी. 99.9999 पर्सेंटाइल के साथ दूसरा स्थान हासिल करने वाले पांशुल ने बताया कि जब सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे थे, तब उन्होंने घर पर रहकर अपनी तैयारी को मजबूत करने और स्कोर सुधारने का निर्णय लिया.

नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल के छात्र पांशुल बंसल ने पुनः परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं. एनडीटीवी से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द होने के फैसले से वे शुरुआत में निराश जरूर हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने इसे अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने के एक मौके के रूप में देखा. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या NEET UG 2026 के अंकों की गलत गणना हुई? उम्मीदवारों के आरोपों पर NTA ने दिया सफाई में ये जवाब

"प्रदर्शन में जाने के बजाय स्कोर सुधारने पर ध्यान दिया"

देशभर में छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच पांशुल ने कहा:

"मैंने सोचा कि विरोध प्रदर्शनों में जाने के बजाय घर पर रहकर पढ़ाई क्यों न की जाए, जिससे अपने ज्ञान को और निखारा जा सके और स्कोर में सुधार किया जा सके."

जब उनसे देश में जारी छात्र आंदोलन और प्रदर्शनों के बारे में राय मांगी गई, तो उन्होंने कोई भी राजनीतिक रुख अपनाने से इनकार करते हुए कहा कि वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

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रद्द हुई परीक्षा में भी हासिल किए थे 706 अंक

उल्लेखनीय है कि देश के अंडरग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहली परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसे पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था. पांशुल ने खुलासा किया कि मूल परीक्षा में भी उन्होंने करीब 706 अंक प्राप्त किए थे, जो एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए पर्याप्त थे.

शुरुआती परीक्षा रद्द होने के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो घंटों के लिए उन्हें निराशा और उदास महसूस हुआ था. लेकिन बाद में उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और खुद को और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया.

री-टेस्ट की रणनीति: पुराने रूटीन पर ही रखा भरोसा

अतिरिक्त तैयारी के दौरान रणनीति में बदलाव के सवाल पर पांशुल ने बताया कि उन्होंने अपने शेड्यूल में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया. उन्होंने पुराने रूटीन का ही पालन किया और केवल रिवीजन पर ध्यान केंद्रित किया.

पांशुल ने बताया कि अंतिम डेढ़ महीने में उन्होंने अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया और बिना किसी नकारात्मकता के अपने मुख्य लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा. सीबीआई जांच के बीच 21 जून को कड़ी सुरक्षा में आयोजित हुई री-परीक्षा का परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया था, जिसमें पांशुल देश के शीर्ष टॉपर्स में शामिल रहे.

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