सावधान! फर्जी PhonePe ऐप से दुकानदारों को लगाया जा रहा चूना, बिना पैसे ट्रांसफर दिखेगा 'Payment Successful'

डिजिटल भुगतान के दौर में यूपीआई (UPI) धोखाधड़ी का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने दुकानदारों और व्यापारियों को नकली या क्लोन किए गए PhonePe ऐप के प्रति सतर्क किया है.

Fake PhonePe App Scam: डिजिटल भुगतान के दौर में यूपीआई (UPI) धोखाधड़ी का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने दुकानदारों और व्यापारियों को नकली या क्लोन किए गए PhonePe ऐप के प्रति सतर्क किया है. इस फर्जी ऐप के जरिए जालसाज मर्चेंट के क्यूआर (QR) कोड को स्कैन कर नकली 'Payment Successful' स्क्रीन दिखा देते हैं, जबकि असल में बैंक खाते में एक भी रुपया ट्रांसफर नहीं होता. सोशल मीडिया पर इस फ्रॉड का भंडाफोड़ होने के बाद साइबर विशेषज्ञों और पेमेंट कंपनियों ने दुकानदारों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

कैसे काम करता है फर्जी PhonePe ऐप फ्रॉड?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अनुज अग्निहोत्री स्वतंत्र नामक यूजर द्वारा 2 अगस्त को साझा किए गए वीडियो के अनुसार, ठग अपने मोबाइल में थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स या टेलीग्राम ग्रुप्स से डाउनलोड किए गए एपीके (APK) क्लोन ऐप इंस्टॉल रखते हैं. यह नकली ऐप दिखने में बिल्कुल असली PhonePe ऐप जैसा ही होता है, जिसमें असली जैसा इंटरफेस, रंग, एनिमेशन और फर्जी ट्रांजेक्शन आईडी (UTR) जनरेट करने की सुविधा होती है.

फर्जी PhonePe ऐप से सावधान

जब जालसाज किसी दुकान से सामान खरीदते हैं, तो वे दुकानदार के क्यूआर कोड को स्कैन करने का नाटक करते हैं. ऐप नकली पेमेंट कंफर्मेशन स्क्रीन दिखा देता है. अक्सर नेटवर्क या सर्वर में देरी का बहाना बनाकर ठग सामान लेकर चले जाते हैं, जबकि असल में कोई पैसा ट्रांसफर ही नहीं होता. मुंबई के बोरिवली के एक कपड़े के शोरूम में घटी ऐसी ही घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें दुकानदार इस धोखाधड़ी का लाइव प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक कर रहा है.

छोटे दुकानदारों को बनाया जा रहा निशाना

इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार सबसे ज्यादा छोटे व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले और फुटकर विक्रेता बन रहे हैं, जो केवल ग्राहक के फोन की स्क्रीन पर दिखे 'पेमेंट सक्सेसफुल' के मैसेज पर भरोसा कर लेते हैं. कई मामलों में ठग फर्जी साउंड नोटिफिकेशन का इस्तेमाल कर भी दुकानदारों को चकमा देने की कोशिश करते हैं.

पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और PhonePe ने स्पष्ट किया है कि केवल ग्राहक के फोन पर दिखा 'सक्सेसफुल' स्क्रीन भुगतान का पुख्ता सबूत नहीं है. आधिकारिक PhonePe ट्रांजेक्शन हमेशा मर्चेंट के खुद के ऐप इतिहास, बैंक स्टेटमेंट या पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए आधिकारिक एसएमएस से ही सत्यापित होता है.

धोखाधड़ी से बचने के उपाय और हेल्पलाइन

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और PhonePe ने व्यापारियों को इन नियमों का पालन करने की सलाह दी है:

यदि आप किसी ऐसे साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. इसके अलावा PhonePe के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर 080-68727374 या 022-68727374 पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है.

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