Fact Check: कोपरगांव में सफेद साड़ी वाली 'डायन' का खौफ? जानें महिला पर हमले के दावे का सच
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले के कोपरगांव शहर में 'सफेद साड़ी पहने भूत/चुड़ैल' के घूमने और एक स्थानीय नागरिक पर जानलेवा हमला कर अस्पताल पहुंचाने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था. व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रही डरावनी तस्वीरों और वीडियो के चलते बेट इलाके में दहशत का माहौल बन गया था.
अहिल्यानगर/कोपरगांव: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी दावों और सनसनीखेज अफवाहों का एक और चिंताजनक मामला महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव से सामने आया है. पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर संदेश प्रसारित किए जा रहे थे कि कोपरगांव के बेट (Bet) इलाके में रात के समय सफेद साड़ी पहने एक रहस्यमयी महिला या 'चुड़ैल' घूम रही है और उसने एक स्थानीय निवासी पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है.
इस अफवाह के साथ कई डरावनी तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए, जिससे स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल पैदा हो गया. हालांकि, LatestLY की फैक्ट चेक रिपोर्ट और स्थानीय पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि यह पूरा मामला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से गढ़ी गई फर्जी तस्वीरों का नतीजा था. यह भी पढ़ें: Deepfake & Cyber Scams: शालिनी पांडे से मुस्कान कारिया तक; 'एमएमएस लीक' और फर्जी वायरल वीडियो की शिकार हुईं ये 5 हस्तियां, साइबर विशेषज्ञों ने किया बड़ा खुलासा
‘सफ़ेद साड़ी वाली महिला’ की तस्वीरें AI से बनी निकलीं
सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा था दावा?
सोशल मीडिया ग्रुप्स में प्रसारित संदेशों में दावा किया गया था कि:
- कोपरगांव के बेट इलाके की सुनसान सड़कों और बस्तियों में देर रात सफेद साड़ी पहने एक महिला दिखाई दे रही है.
- पोस्ट्स में यह भी जोड़ा गया कि इस 'भूतिया महिला' ने एक स्थानीय व्यक्ति पर शारीरिक हमला किया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
- संदेशों के साथ रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़ी एक महिला की डरावनी तस्वीरें संलग्न थीं, जिससे लोगों को यह घटना सच प्रतीत होने लगी.
कोपरगांव में भूत की अफवाहों का सच सामने आया
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पुलिस और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANIS) की जांच में खुला राज
अफवाहों के कारण शहर में उपजे तनाव को देखते हुए स्थानीय कोपरगांव पुलिस और महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANIS) के कार्यकर्ताओं ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की:
- अस्पतालों की पड़ताल: पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोपरगांव और आसपास के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड्स की जांच की। जांच में सामने आया कि भूत के हमले या किसी रहस्यमयी घटना में घायल होकर किसी भी व्यक्ति को भर्ती नहीं कराया गया था.
- पीड़ित की तलाश विफल: संदेशों में जिस व्यक्ति के घायल होने का दावा किया जा रहा था, धरातल पर ऐसे किसी पीड़ित या घटना का कोई अस्तित्व ही नहीं मिला.
AI से बनाई गई थीं डरावनी तस्वीरें
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति और पुलिस द्वारा डिजिटल जांच करने पर तस्वीरों का तकनीकी सच उजागर हुआ:
- डीपफेक और एआई टूल्स का खेल: जांच में पाया गया कि वायरल तस्वीरें मोबाइल पर सामान्य सेल्फी या पोर्ट्रेट को हॉरर लुक देने वाले एआई टूल्स (जैसे io या Leonardo AI) के जरिए जनरेट की गई थीं.
- युवकों से पूछताछ: पुलिस ने उन शुरुआती सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और स्थानीय युवकों की पहचान कर उनसे पूछताछ की, जिन्होंने इन तस्वीरों को पहली बार शेयर किया था. पूछताछ में स्वीकार किया गया कि ये तस्वीरें इंटरनेट से ली गई थीं और मजे या व्यूज पाने के लिए इनके साथ काल्पनिक कहानी जोड़कर फॉरवर्ड कर दिया गया था.
पुलिस की सख्त चेतावनी: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
कोपरगांव पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के अंधविश्वास और भ्रामक संदेशों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें:
- सत्यापन के बिना शेयर न करें: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी असत्यापित पोस्ट, फोटो या ऑडियो क्लिप को बिना पुष्टि किए आगे फॉरवर्ड करना कानूनन अपराध है, क्योंकि इससे समाज में अनावश्यक दहशत फैलती है.
- अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक शांति भंग करने और अफवाहें फैलाने वाले सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.