Facility For Transgender Community: योगी सरकार की बड़ी पहल, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा राशनकार्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार अब विशेष अभियान चलाकर ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराएगी. इसके तहत उन्हें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
लखनऊ, 2 मई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार अब विशेष अभियान चलाकर ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराएगी. इसके तहत उन्हें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं. यह कदम समाज के इस उपेक्षित वर्ग को न केवल भोजन की सुरक्षा देगा, बल्कि उन्हें शासन की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा. उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को अवगत कराया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिक आज भी आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं. सामाजिक असमानताओं के चलते न तो उनके पास स्थायी रोजगार है और न ही राशन कार्ड जैसी बुनियादी सरकारी सुविधा. इससे वे खाद्य सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. यह भी पढ़ें : न्यायालय ने पाक भेजे जाने वाले याचिकाकर्ता परिवार को राहत दी, दस्तावेजों के सत्यापन का निर्देश दिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की नीति के तहत इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए अब इन वंचित नागरिकों के लिए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें नियमित खाद्यान्न की आपूर्ति दी जाएगी.
खाद्य एवं रसद विभाग ने समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े. इस अभियान के अंतर्गत पात्रता की पुष्टि के उपरांत संबंधित व्यक्तियों को 'पात्र गृहस्थी' श्रेणी में सम्मिलित कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित किया जाएगा.
योगी सरकार का यह कदम उनके उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को व्यवहार में उतारा जा रहा है. ट्रांसजेंडर समुदाय, जो अक्सर समाज की उपेक्षा का शिकार होता आया है, अब समान अधिकारों और सुविधाओं का लाभ पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. सीएम योगी अक्सर कहते हैं कि उत्तर प्रदेश का कोई भी नागरिक चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा.
राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को वृद्धाश्रम की सुविधा देने का फैसला किया गया है, जिससे उन्हें न केवल आश्रय मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं भी दी जाएंगी.
इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. जिलाधिकारी की देखरेख में यह सेल संचालित हो रही है. अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिससे वे शिक्षा की मुख्यधारा में आकर आत्मनिर्भर बन सकें. योगी सरकार का लक्ष्य एक समावेशी समाज का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले. ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2025 05:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

