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EPFO 3.0 Withdrawal Rules: अब यूपीआई और एटीएम से सीधे निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, बदल गए निकासी के नियम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ा अपग्रेड 'EPFO 3.0' लॉन्च करने जा रहा है. इसके तहत पीएफ खाताधारक अब बिना नियोक्ता (Employer) की मंजूरी के यूपीआई और एटीएम के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे.

EPFO 3.0 Withdrawal Rules: अब यूपीआई और एटीएम से सीधे निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, बदल गए निकासी के नियम
Representative Image (Photo Credits: Facebook)

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए पीएफ निकासी (PF Withdrawals) की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और तेज बनाने जा रहा है. सरकार जल्द ही 'EPFO 3.0' नाम से एक बड़ा डिजिटल अपग्रेड रोल आउट करने की तैयारी में है. इसके तहत सब्सक्राइबर अपने भविष्य निधि (PF) की बचत को सीधे यूपीआई (UPI) या यूपीआई-सक्षम एटीएम के जरिए अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकेंगे. केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पुष्टि की है कि इस अत्याधुनिक प्रणाली का सफल परीक्षण (Testing) पूरा हो चुका है और इस सेवा को जल्द ही आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा. यह भी पढ़ें: EPFO Interest Rate 2025-26 Approved: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 8.25% ईपीएफ ब्याज दर को दी मंजूरी, इसी महीने खातों में क्रेडिट हो सकता है पैसा

क्या है EPFO 3.0 और यह कैसे काम करेगा?

EPFO 3.0 एक व्यापक डिजिटल परिवर्तन पहल है, जिसका उद्देश्य पीएफ से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह पेपरलेस और त्वरित बनाना है. नए सिस्टम के तहत, खाताधारक उमंग (UMANG) ऐप या ईपीएफओ के नए मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से यह जांच सकेंगे कि वे कितनी राशि ट्रांसफर करने के पात्र हैं.

इसके बाद, वे एक क्यूआर (QR) कोड जनरेट करके या अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करके पैसे सीधे अपने आधार-लिंक्ड बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे. इसके अतिरिक्त, ईपीएफओ सदस्यों को विशेष पीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड जारी करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जिससे सीधे अधिकृत एटीएम से नकदी निकाली जा सकेगी.

मौजूदा व्यवस्था बनाम नया सिस्टम: क्या बदलेगा?

वर्तमान व्यवस्था में पीएफ से पैसा निकालने के लिए अंशधारकों को एक लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए ऑनलाइन फॉर्म-31 भरना, केवाईसी (KYC) सत्यापन और सबसे महत्वपूर्ण—नियोक्ता (Employer) की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है. इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 7 से 10 दिनों का समय लगता है, और यदि दस्तावेजों या हस्ताक्षर में कोई विसंगति (Mismatch) हो, तो मामला हफ्तों तक अटका रहता है.

EPFO 3.0 इस पूरी प्रशासनिक निर्भरता को खत्म कर देगा. नए नियमों के अनुसार, यदि सदस्य का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से लिंक है और केवाईसी डिजिटल रूप से स्वीकृत है, तो सामान्य निकासी के लिए नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी. इससे लगभग 95% दावों का निपटान (Claim Settlement) स्वचालित रूप से महज कुछ घंटों या मिनटों में हो जाएगा.

ऑटो-सेटलमेंट सीमा बढ़कर हुई 5 लाख रुपये

डिजिटल दावों को तेजी से निपटाने के लिए ईपीएफओ ने अपनी ऑटो-सेटलमेंट (स्वचालित निपटान) सीमा को पहले के 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये कर दिया है. इसका मतलब यह है कि यदि किसी सदस्य का क्लेम 5 लाख रुपये तक का है और उसके केवाईसी दस्तावेज (आधार, पैन और बैंक खाता) पूरी तरह सत्यापित हैं, तो सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Verification) के स्वचालित रूप से आवेदन को प्रोसेस कर के पैसे खाते में भेज देगा. यह सुविधा चिकित्सा उपचार, शिक्षा और विवाह जैसी आपातकालीन जरूरतों में बेहद मददगार साबित होगी.

निकासी की सीमा और 25% लॉक-इन नियम

भविष्य की वित्तीय सुरक्षा और सेवानिवृत्ति (Retirement) के फंड को ध्यान में रखते हुए, ईपीएफओ ने त्वरित निकासी के लिए कुछ कड़े नियम और सीमाएं भी तय की हैं:

  • 75% तक निकासी: सक्रिय सेवा के दौरान सदस्य अपनी कुल जमा राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा मिलाकर) का अधिकतम 50% से 75% तक ही यूपीआई या एटीएम के जरिए निकाल सकेंगे.
  • 25% लॉक-इन नियम: पीएफ खाते में हमेशा कम से कम 25% राशि का बना रहना अनिवार्य होगा, ताकि सेवानिवृत्ति के समय के लिए एक सुरक्षा कोष बचा रहे. शत-प्रतिशत (100%) निकासी केवल सेवानिवृत्ति (58 वर्ष की आयु) या लगातार दो महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में ही संभव होगी.
  • श्रेणियों का सरलीकरण: पुराने सिस्टम की 13 अलग-अलग श्रेणियों को मर्ज करके अब केवल तीन मुख्य श्रेणियां बनाई गई हैं—अनिवार्य आवश्यकताएं (चिकित्सा, विवाह, शिक्षा), आवास (घर खरीदना या निर्माण) और विशेष परिस्थितियां (बेरोजगारी और पूर्ण निपटान). यह भी पढ़ें: EPFO 3.0 Upgrade: ईपीएफओ 3.0 से बदल जाएगा पीएफ निकालने का तरीका; अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे पैसे, जानें नए नियम

टैक्स (Tax) के नियम रहेंगे यथावत

ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि निकासी की प्रक्रिया डिजिटल और तेज होने के बावजूद, टैक्स से जुड़े मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यदि कोई कर्मचारी 5 वर्ष की निरंतर सेवा से पहले 50,000 रुपये से अधिक की राशि निकालता है, तो पैन (PAN) लिंक होने पर 10% टीडीएस (TDS) कटेगा. पैन लिंक न होने की स्थिति में यह कटौती 30% तक हो सकती है. हालांकि, 5 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद की गई निकासी पूरी तरह कर-मुक्त (Tax-Free) बनी रहेगी.

इस बड़े बदलाव का महत्व

यह डिजिटल अपग्रेड ऐसे समय में आ रहा है जब ईपीएफओ दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कोषों में से एक का प्रबंधन कर रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान ईपीएफओ के पेरोल में 1.29 करोड़ से अधिक नए कर्मचारी जुड़े हैं, जबकि देश में बेरोजगारी दर घटकर 3.2% पर आ गई है. वर्तमान में ईपीएफओ लगभग 28 लाख करोड़ रुपये के विशाल कॉर्पस का प्रबंधन करता है. इस नए सिस्टम के लागू होने से देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को अपनी ही जमा पूंजी तक त्वरित और सुरक्षित पहुंच मिलेगी.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2026 02:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).