EPF Partial Withdrawal: उच्च शिक्षा, शादी और घर खरीदने के लिए पीएफ खाते से कितना पैसा निकाल सकते हैं? जानें नए नियम और प्रक्रिया
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफ खाताधारकों को सेवानिवृत्ति से पहले उच्च शिक्षा, शादी, मकान खरीदने या होम लोन चुकाने जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति देता है. जानिए किस जरूरत के लिए आप कितना फंड निकाल सकते हैं और इसके पात्रता नियम क्या हैं.
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नई दिल्ली: नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund) (EPF) केवल रिटायरमेंट के बाद का सहारा नहीं है, बल्कि जीवन की बड़ी जरूरतों के समय भी यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय मददगार साबित होता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) (EPFO) अपने सदस्यों को उच्च शिक्षा, बच्चों की शादी, घर खरीदने, मकान निर्माण या होम लोन के भुगतान जैसे बड़े लाइफ इवेंट्स के लिए अपने पीएफ फंड से आंशिक निकासी (PF Advance) की अनुमति देता है. हालांकि, आप अपने खाते से कितना पैसा निकाल सकते हैं, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस उद्देश्य से राशि निकाल रहे हैं और आपकी नौकरी (EPF Membership) को कितने साल पूरे हो चुके हैं.
हाल ही में पेश किए गए EPFO 3.0 के तहत निकासी की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल व डिजिटल बना दिया गया है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में फंड तक पहुंच बेहद आसान हो गई है. यह भी पढ़ें: EPFO 3.0: क्या नए नियमों के तहत अब भी निकाल सकते हैं 100% पीएफ बैलेंस? जानिए क्या कहती है गाइडलाइन
शादी, शिक्षा और घर के लिए ईपीएफ निकासी की सीमा (Limits & Eligibility)
विभिन्न आवश्यकताओं के लिए ईपीएफओ द्वारा निर्धारित की गई निकासी सीमा और आवश्यक सेवा अवधि का विवरण इस प्रकार है:
| निकासी का उद्देश्य | आवश्यक न्यूनतम सेवा (EPF Membership) | अधिकतम निकासी की सीमा (Maximum Limit) |
| स्वयं, बच्चों या भाई-बहन की शादी | 7 वर्ष | कर्मचारी के कुल योगदान + ब्याज का 50% तक |
| कक्षा 10वीं के बाद उच्च शिक्षा | 7 वर्ष | कर्मचारी के कुल योगदान + ब्याज का 50% तक |
| प्लॉट या भूमि की खरीद | 5 वर्ष | मासिक मूल वेतन (Basic Salary) + महंगाई भत्ता (DA) का 24 गुना तक |
| मकान की खरीद या निर्माण | 5 वर्ष | मासिक मूल वेतन (Basic Salary) + महंगाई भत्ता (DA) का 36 गुना तक |
| होम लोन का पुनर्भुगतान (Repayment) | 10 वर्ष | मासिक मूल वेतन (Basic Salary) + महंगाई भत्ता (DA) का 36 गुना तक |
विभिन्न उद्देश्यों के लिए निकासी के विस्तृत नियम
1. शादी के लिए ईपीएफ से निकासी (EPF Withdrawal for Marriage)
ईपीएफ सदस्य अपने स्वयं के विवाह, अपने बेटे/बेटी के विवाह या अपने सगे भाई/बहन की शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए पीएफ एडवांस का दावा कर सकते हैं. इसके लिए सदस्य की कुल ईपीएफ सदस्यता कम से कम 7 वर्ष होनी चाहिए. इस श्रेणी में आप अपने स्वयं के कुल योगदान (ब्याज सहित) का अधिकतम 50% तक ही निकाल सकते हैं. ध्यान रहे कि इसमें नियोक्ता (Employer) के हिस्से का योगदान शामिल नहीं किया जाता है.
2. उच्च शिक्षा के लिए पीएफ एडवांस (EPF Withdrawal for Higher Education)
यदि सदस्य को स्वयं की या अपने बच्चों की कक्षा 10वीं के बाद की उच्च शिक्षा (Higher Education) के खर्चों को वहन करना है, तो वे पीएफ खाते से एडवांस ले सकते हैं. इसके लिए भी न्यूनतम 7 वर्ष की सेवा अवधि अनिवार्य है. इस स्थिति में भी सदस्य अपने हिस्से के कुल योगदान और उस पर अर्जित ब्याज का 50% तक निकाल सकते हैं.
3. घर खरीदने या निर्माण के लिए (EPF Withdrawal for Home Purchase)
मकान या फ्लैट खरीदने, जमीन (प्लॉट) खरीदने या अपनी जमीन पर घर का निर्माण कराने के लिए भविष्य निधि से आंशिक निकासी की जा सकती है. इसके लिए न्यूनतम 5 वर्ष की ईपीएफ सदस्यता होना जरूरी है.
- प्लॉट खरीदने के लिए: मूल वेतन + डीए का अधिकतम 24 गुना.
- तैयार मकान/फ्लैट खरीदने या निर्माण के लिए: मूल वेतन + डीए का अधिकतम 36 गुना.
- शर्त: यह संपत्ति अनिवार्य रूप से सदस्य के नाम पर, उनके पति/पत्नी के नाम पर या दोनों के संयुक्त नाम पर होनी चाहिए। यह सुविधा पूरे सेवाकाल में सामान्यतः केवल एक बार मिलती है.
4. होम लोन चुकाने के लिए (Home Loan Repayment)
यदि किसी सदस्य के नाम पर या उनके पति/पत्नी के साथ संयुक्त रूप से कोई होम लोन चल रहा है, तो वे उसे चुकाने के लिए भी पीएफ बैलेंस का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि आवश्यक है और इसके तहत मूल वेतन + डीए का 36 गुना तक निकाला जा सकता है, जो सीधे ऋणदाता बैंक या संस्थान को ट्रांसफर किया जाता है.
ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
ईपीएफओ के यूएएन (UAN) मेंबर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन क्लेम जमा करना बेहद आसान है:
- स्टेप 1: आधिकारिक ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाएं और अपने UAN व पासवर्ड से लॉग इन करें.
- स्टेप 2: सुनिश्चित करें कि आपका यूएएन एक्टिवेट है और आपका आधार (Aadhaar), पैन (PAN) तथा बैंक खाता विवरण सही ढंग से लिंक और सत्यापित (KYC Complete) हैं.
- स्टेप 3: ऊपरी मेनू से 'Online Services' पर जाएं और 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' विकल्प का चयन करें.
- स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहे अपने बैंक खाते के अंतिम 4 अंक दर्ज कर उसे सत्यापित (Verify) करें.
- स्टेप 5: 'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से आंशिक निकासी के लिए 'Form 31' (PF Advance) चुनें.
- स्टेप 6: निकासी का उद्देश्य (जैसे: मैरिज, एजुकेशन या हाउसिंग) चुनें और आवश्यक राशि दर्ज करें.
- स्टेप 7: अपने बैंक खाते का कैंसिल्ड चेक या पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करें और आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर फॉर्म सबमिट करें.
EPFO 3.0: नए बदलावों से अब मिनटों में मिलेगा पैसा
ईपीएफओ ने सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए EPFO 3.0 फ्रेमवर्क लागू किया है। इसके तहत कई ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं:
- ₹5 लाख तक ऑटो-सेटलमेंट: ईपीएफ एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। इसका मतलब है कि ₹5 लाख तक के पात्र दावों को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा कुछ ही घंटों या मिनटों में प्रोसेस कर दिया जाएगा.
- नियोक्ता की मंजूरी से मुक्ति: अधिकांश ऑनलाइन क्लेम के लिए अब नियोक्ता (Employer) के डिजिटल हस्ताक्षर या मंजूरी की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते आपका केवाईसी (KYC) पूरा हो.
- 75% तक त्वरित निकासी: नौकरी छूटने या आपातकालीन स्थितियों में सदस्य अपने कुल क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर यूपीआई (UPI) और यूपीआई-लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से तुरंत 75% तक राशि निकाल सकते हैं, जबकि 25% हिस्सा रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए लॉक रहता है.
क्या पीएफ से पैसा निकालने पर टैक्स लगता है?
यदि कोई कर्मचारी लगातार 5 वर्ष या उससे अधिक की सेवा (Continuous Service) पूरी करने के बाद पीएफ से कोई भी राशि निकालता है, तो वह पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Tax-Free) होती है. हालांकि, यदि सेवा अवधि 5 वर्ष से कम है और निकाली जाने वाली राशि ₹50,000 से अधिक है, तो उस पर 10% की दर से टीडीएस (TDS) काटा जाता है (यदि पैन कार्ड लिंक हो)। यदि पैन कार्ड लिंक नहीं है, तो टीडीएस की दर अधिक हो सकती है. चिकित्सा आपात स्थिति जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में 5 साल से कम सेवा पर भी टैक्स नियमों में छूट दी जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2026 02:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

