ECI Special Drive: वोटर लिस्ट से छूटे मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग का बड़ा कदम; घर-घर जाएंगे BLO, फॉर्म-6 से जुड़ेंगे नाम, 20 राज्यों में चलेगा विशेष अभियान
भारत निर्वाचन आयोग ने उन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक व्यापक 'विशेष नामांकन अभियान' शुरू करने का निर्देश दिया है, जहां मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 1 अक्टूबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह आदेश जारी किया गया है.
नई दिल्ली: देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद उपजे विवाद और विपक्षी दलों के विरोध के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने छूटे हुए वास्तविक मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने के लिए निर्णायक पहल की है. आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश जारी किया है कि वे एक महीने का सघन विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए मतदाताओं और युवाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करें.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का अपडेशन एक सतत चलने वाली वैधानिक प्रक्रिया है. यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से हटा है या छूट गया है, तो वह किसी भी समय नाम जुड़वाने का वैधानिक अधिकार रखता है.
बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन, प्रति सप्ताह 20-25 मतदाताओं की जांच
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार, बूथ स्तर पर इस अभियान का क्रियान्वयन इस प्रकार होगा:
- सूचियों का मिलान: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूदा अंतिम मतदाता सूची की तुलना 'प्री-एसआईआर' (संशोधन से पहले की) मतदाता सूची से करेंगे और उन नामों की अलग सूची बनाएंगे जो पहले पंजीकृत थे लेकिन अब सूची से बाहर हैं.
- घर-घर जाकर सत्यापन: बीएलओ चिह्नित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति (मौजूद, स्थानांतरित या मृत) का सत्यापन करेंगे.
- साप्ताहिक लक्ष्य: प्रत्येक बीएलओ को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है, ताकि लगभग एक महीने के भीतर यह पूरी कवायद पूरी की जा सके.
- फॉर्म-6 से तत्काल आवेदन: सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले सभी नागरिकों और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पहली बार के मतदाताओं (First-time Voters) से मौके पर ही फॉर्म-6 (Form 6) भरवाया जाएगा.
राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA) के साथ साझा होगी सूची
प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और राजनीतिक दलों की शिकायतों के समाधान के लिए आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जोड़ने की व्यवस्था की है:
- बीएलओ द्वारा तैयार की गई छूटे हुए मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के साथ साझा की जाएगी.
- अभियान संपन्न होने के बाद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) बूथ-वार अंतिम सूचियां फिर से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे.
- इससे राजनीतिक दलों को भी यह देखने और सहायता करने का अवसर मिलेगा कि क्या उनके क्षेत्र का कोई पात्र मतदाता अभी भी छूट गया है.
फुटपाथ, रैन बसेरों और वंचित वर्ग के लिए लगेंगे विशेष कैंप
आयोग ने समाज के कमजोर, वंचित और हाशिए पर मौजूद वर्गों के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश दिए हैं:
- मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया गया है कि वे लेबर कॉलोनियों, रैन बसेरों (Night Shelters) और बेघर नागरिकों के लिए विशेष बूथ लेवल कैंप आयोजित करें.
- शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्वीप (SVEEP) गतिविधियों और युवा आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे.
- आयोग ने दोहराया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत ईआरओ (ERO) इन सभी आवेदनों की जांच कर विधिसम्मत त्वरित निर्णय लेंगे.
फॉर्म-6 से हटाई गई एसआईआर की अतिरिक्त शर्त
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की पूर्ण आयोग बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया है:
- जिन राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां फॉर्म-6 के साथ जोड़ी गई अतिरिक्त एसआईआर घोषणा (Declaration) को ECINET पोर्टल और ऐप से हटा दिया गया है.
- अब सामान्य अवधि में नए आवेदकों को केवल मूल वैधानिक फॉर्म-6 ही भरना होगा, जिससे नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पहले की तरह सरल और बाधा रहित हो गई है.
आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे इस विशेष अभियान की प्रगति की दैनिक व साप्ताहिक निगरानी करें ताकि कोई भी योग्य भारतीय नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे.