TMC Symbol Frozen: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिह्न किया फ्रीज; बंगाल उपचुनाव से पहले दोनों गुटों को बड़ा झटका

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक नाम और पार्टी के आरक्षित चुनाव चिह्न 'फूल और घास' के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाते हुए इसे फ्रीज कर दिया है. चुनाव आयोग ने यह कदम पार्टी के दो विरोधी गुटों के बीच संगठनात्मक नियंत्रण और मूल पार्टी होने के दावों के चलते उठाया है.

EC and TMC (Photo Credits: FB\X)

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले राजनीतिक रूप से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अंतरिम आदेश जारी कर 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' (TMC) के आधिकारिक नाम और पार्टी के आरक्षित चुनाव चिह्न 'फूल और घास' (Flowers & Grass) के उपयोग को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (अस्थायी रूप से निलंबित) कर दिया है.

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग का यह अंतरिम फैसला आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले नंदिग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों पर सीधे लागू होगा। इस आदेश के बाद दोनों गुटों में से कोई भी आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न के साथ इन उपचुनावों में नहीं उतर सकेगा. यह भी पढ़ें: Mamata Banerjee On TMC Office Attack: टीएमसी दफ्तर में तोड़फोड़ पर ममता बनर्जी ने BJP को दी चेतावनी, कहा- नहीं रुके हमले तो दिल्ली में करेंगे धरना

क्यों फ्रीज किया गया TMC का नाम और चुनाव चिह्न?

रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने पार्टी के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुटों की मौजूदगी दर्ज की है, जिसमें दोनों ही पक्ष खुद को मान्यता प्राप्त मूल तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं:

विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर हमला बोला

दोनों गुटों को दिए गए नए निर्देश: 18 सितंबर तक देनी होगी पसंद

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने दोनों धड़ों को तत्काल नई पहचान चुनने के निर्देश दिए हैं:

मूल चुनाव चिह्न का क्या होगा?

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अंतरिम व्यवस्था (Interim Measure) है और यह इस बात का अंतिम निर्णय नहीं है कि पार्टी का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है.

उपचुनाव में नया समीकरण

इस फैसले के बाद अब 6 अक्टूबर को नंदिग्राम और रेजीनगर की जनता तृणमूल कांग्रेस के दोनों विरोधी धड़ों को नए नामों और अलग-अलग चुनाव चिह्नों के साथ चुनावी मैदान में देखेगी. इस आदेश को लेकर दोनों खेमों में कानूनी हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक दलों की नजरें अब आयोग द्वारा आवंटित किए जाने वाले नए अंतरिम प्रतीकों पर टिकी हैं.

Share Now