यूपी-छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और केरल की खाली विधानसभा सीटों पर सितंबर में होगा उपचुनाव

चुनाव आयोग ने रविवार को उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और केरल की खाली पड़ी चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. हालांकि मुख्य निर्वाचन आयोग ने इसमें उन सीटों को शामिल नहीं किया हैं, जो विधायकों के सांसद चुने जाने के कारण खाली हो गई है.

चुनाव आयोग (Photo Credits: YouTube)

नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने रविवार को उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और केरल की खाली पड़ी चार विधानसभा सीटों (Assembly Seat) पर उपचुनाव (By-Election) की तारीखों का ऐलान कर दिया है. हालांकि चुनाव आयोग ने इसमें उन सीटों को शामिल नहीं किया हैं, जो विधायकों के सांसद चुने जाने के कारण खाली हो गई है.

केंद्रीय चुनाव आयोग ने आज दोपहर को छत्तीसगढ़, केरल, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश की एक-एक विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 23 सितंबर को कराने की घोषणा की. इसमें छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा, केरल की पाला, त्रिपुरा की बधारघाट और उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं. इन सभी सीटों पर एक ही दिन में वोट डाले जाएंगे.

केरल की पाला सीट से लगभग 50 साल तक विधायक रहे के एम मणि की अप्रैल महीने में निधन के कारण खाली हुई है. यह सीट अनुसूजित जाति के लिए आरक्षित हैं. जबकि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा विधानसभा सीट बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या के बाद से खाली है. दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने मंडावी की हत्या कर दी थी.

वहीं, अनुसूजित जाति के लिए आरक्षित रखी गई त्रिपुरा की बाधरघाट सीट बीजेपी के विधायक दिलीप सरकार की मौत होने के चलते खाली पड़ी है. 61 वर्षीय बीजेपी नेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

उधर, उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीट बीजेपी विधायक अशोक कुमार चंदेल को पांच लोगों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाये जाने की वजह से रिक्त हुई है. चंदेल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 जनवरी 1997 को हमीरपुर में हुई पांच लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में इस साल अप्रैल में उम्रकैद की सजा सुनायी थी. इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई.

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