IPL टिकट स्कैम: बेंगलुरु में महिला को पिता की इच्छा पूरी करने के चक्कर में ₹18 लाख से अधिक का फर्जीवाड़ा

बेंगलुरु में एक 31 वर्षीय महिला को उसके कैंसर पीड़ित पिता के लिए आईपीएल मैच के टिकट दिलाने के बहाने साइबर ठगों ने 18.4 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Bengaluru IPL Ticket Scam: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाला साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. यहां एक 31 वर्षीय महिला अपने कैंसर पीड़ित पिता की स्टेडियम जाकर आईपीएल (IPL) मैच देखने की आखिरी इच्छा पूरी करना चाहती थी. इसी कोशिश के दौरान ऑनलाइन टिकट ढूंढते समय साइबर अपराधियों ने महिला को अपना निशाना बनाया और उससे 18.4 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना खेल प्रेमियों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन टिकटिंग घोटालों के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर करती है.

भावना का फायदा उठाकर जीता भरोसा

जांच अधिकारियों के अनुसार, महिला के पिता लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए महिला इंटरनेट पर आईपीएल टिकटों की तलाश कर रही थी. इसी दौरान उसका संपर्क कुछ अज्ञात लोगों से हुआ, जिन्होंने खुद को आईपीएल का आधिकारिक टिकट विक्रेता (Authorized Ticket Seller) बताया.

जालसाजों ने महिला की स्थिति का फायदा उठाते हुए लगातार बातचीत के जरिए उसका भरोसा जीत लिया. इसके बाद, उन्होंने प्रीमियम पास और वीआईपी टिकटों की व्यवस्था करने के नाम पर अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए. जब तक महिला को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक वह 18.4 लाख रुपये से अधिक की रकम गंवा चुकी थी.

साइबर क्राइम पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता ने तुरंत स्थानीय साइबर क्राइम अथॉरिटी में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है.

अधिकारी वर्तमान में उन बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट गेटवे को ट्रैक कर रहे हैं, जिनका उपयोग इस फ्रॉड ऑपरेशन में किया गया था. पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे.

आईपीएल सीजन में टिकट फ्रॉड की बढ़ती चिंताएं

पिछले कुछ आईपीएल सीजनों के दौरान टिकट से जुड़े घोटालों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. साइबर अपराधी अक्सर मैचों की अत्यधिक मांग का फायदा उठाते हैं. इसके लिए वे सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाने, नकली वेबसाइटें (Phishing Websites) तैयार करने और अनधिकृत विज्ञापन पोस्ट करने जैसे हथकंडे अपनाते हैं.

इससे पहले भी कई प्रशंसक और छोटे कारोबारी प्रीमियम टिकटों या क्रिकेट बोर्ड से जुड़े होने का झूठा दावा करने वाले ठगों के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं.

सुरक्षित रहने के लिए विशेषज्ञों की सलाह

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर टिकट खरीदते समय आम जनता को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, ग्राहकों को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

फिलहाल बेंगलुरु पुलिस संदिग्धों का पता लगाने और पीड़ित महिला की डूबी हुई रकम को वसूलने के प्रयासों में जुटी हुई है.

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