प्रवर्तन निदेशालय ने फ्रांस में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की 16 लाख यूरो की संपत्ति कुर्क की
प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़े शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक विजय माल्या पर शिकंजा कसते हुए फ्रांस में उनकी 16 लाख यूरो की संपत्ति कुर्क की है. दो मार्च, 2016 को भारत छोड़कर भागने के बाद से शराब कारोबारी ब्रिटेन में रह रहे हैं. माल्या के खिलाफ भारत में नए भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत पहला मामला दर्ज किया गया था.
नई दिल्ली, 5 दिसंबर: प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़े शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक विजय माल्या पर शिकंजा कसते हुए फ्रांस में उनकी 16 लाख यूरो की संपत्ति कुर्क की है. वित्तीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. ईडी के एक अधिकारी ने यहां कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर विजय माल्या की 32 एवेन्यू फोच, फ्रांस में 16 लाख यूरो (14 करोड़) की संपत्ति को फ्रांसीसी अधिकारियों ने जब्त किया है.
उन्होंने आगे कहा कि माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान, यह पाया गया कि किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड (Kingfisher Airlines Limited) के बैंक खाते से बड़ी रकम विदेश में भेजी गई थी. जांच एजेंसी ने भारत में वांछित अभियुक्तों की विदेशी संपत्तियों को कुर्क करने के लिए राजनयिक चैनल के माध्यम से विदेशी प्राधिकरण को अनुरोध भेजा था. भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए वहां के अधिकारियों ने संपत्ति कुर्क की है.
ईडी ने 25 जनवरी 2016 को किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड, माल्या और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. वित्तीय जांच एजेंसी ने अब तक उनकी 11,231.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिसकी पुष्टि संबंधित प्राधिकारी द्वारा भी की गई है. ईडी ने माल्या, यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल), केएएल, बैंक अधिकारियों और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र भी दायर किया है.
दो मार्च, 2016 को भारत छोड़कर भागने के बाद से शराब कारोबारी ब्रिटेन में रह रहे हैं. माल्या के खिलाफ भारत में नए भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत पहला मामला दर्ज किया गया था. 2019 में मुंबई की एक अदालत ने माल्या को इस अधिनियम के तहत एक अपराधी के रूप में नामित किया, जिसने जांच एजेंसियों को दुनिया भर में फैली उनकी संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दिया. माल्या 9,000 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे हैं. भारत लगातार उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 05, 2020 08:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

