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Mahadev Betting App: महादेव बेटिंग ऐप केस में एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग 24 जुलाई तक ED की हिरासत में, सट्टेबाजी की कमाई से कंपनी अधिग्रहण का आरोप

रायपुर की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एबिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई का इस्तेमाल एबिक्स के शेयरों के अधिग्रहण के लिए किया गया था.

Mahadev Betting App: महादेव बेटिंग ऐप केस में एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग 24 जुलाई तक ED की हिरासत में, सट्टेबाजी की कमाई से कंपनी अधिग्रहण का आरोप
महादेव बेटिंग ऐप केस (Photo Credits: X)

रायपुर/नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट 'महादेव ऑनलाइन बुक ऐप' (Mahadev Online Book App) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित एक विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत ने एबिक्स (EBIX) ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई 2026 तक ED की हिरासत (Custody) में भेज दिया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि इस करोड़ों रुपये के घोटाले में सट्टेबाजी के जरिए कमाए गए काले धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली संस्थाओं में रूट किया गया था, जिसका इस्तेमाल आगे चलकर एबिक्सकैश (EbixCash) में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए किया गया. यह भी पढ़ें: Satta Matka Online: ऑनलाइन सट्टा मटका क्या है? इन बातों का रखें ध्यान वरना झेलना पड़ेगा भारी नुकसान

दिल्ली से हुई गिरफ्तारी; रायपुर कोर्ट ने दी कस्टडी

53 वर्षीय व्यवसायी विकास गर्ग को ईडी ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में उनके आवास से गिरफ्तार किया था. दिल्ली की तीस हजारी अदालत से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें बुधवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया.

अदालत में सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि इस बड़े आर्थिक अपराध की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने, पैसे के लेन-देन (Money Trail) का पता लगाने और अन्य सह-आरोपियों की भूमिका की जांच के लिए विकास गर्ग की हिरासत में पूछताछ अनिवार्य है. अदालत ने ईडी की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपियों की ओर से गिरफ्तारी के तौर-तरीकों पर उठाए गए तकनीकी ऑब्जेक्शन्स को खारिज कर दिया.

एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग 24 जुलाई तक ED की हिरासत में

सट्टेबाजी की अवैध कमाई से किया गया कंपनी का अधिग्रहण

जांच के दौरान ईडी ने पाया कि विकास गर्ग तीन लिस्टेड कंपनियों—विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के प्रमोटर हैं.

जांच एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार:

"महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज जैसे अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी. इस काली कमाई में से लगभग 940.77 करोड़ रुपये की राशि शेल कंपनियों और लेयर्ड वित्तीय लेनदेन के माध्यम से विकास गर्ग के नियंत्रण वाली संस्थाओं में स्थानांतरित की गई. बाद में, इसी राशि का उपयोग एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड (Eraaya Lifespaces Limited) के माध्यम से 'एबिक्सकैश' में 64% हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया."

अब तक 3,800 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई कर चुका है. हाल ही में ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और कंपनियों के स्वामित्व वाली करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया था. इन संपत्तियों में दिल्ली, गोवा और नैनीताल जैसे वीआईपी इलाकों में स्थित 12 आवासीय संपत्तियां, जमीन के टुकड़े और विभिन्न इक्विटी शेयर शामिल हैं.

इस नई कुर्की के साथ ही महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक जब्त या फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

क्या है महादेव बेटिंग ऐप घोटाला?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक ऐप की शुरुआत साल 2018 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने की थी. इन दोनों ने मिलकर विदेशों (मुख्य रूप से दुबई) में बैठकर भारत में अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया. यह सिंडिकेट फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता था, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाकर विदेशों में लाउंडर किया गया.

इस पूरे घोटाले की अनुमानित राशि करीब 6,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसे देश के सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी रैकेट में से एक माना जा रहा है. मामले के मुख्य मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान में इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया है और भारतीय अधिकारी उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया में जुटे हैं. ईडी इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और रायपुर की अदालत में 5 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं, जिनमें 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2026 09:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).