SIM Card Limit New Rules: 9 से ज्यादा सिम रखने वालों पर दूरसंचार विभाग सख्त; 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' पर फोटो से होगी पहचान, अतिरिक्त कनेक्शन होंगे ब्लॉक

दूरसंचार विभाग ने एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम मोबाइल कनेक्शन (सिम कार्ड) की सीमा लागू करने के लिए दूरसंचार कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के तहत 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' पर उपलब्ध तस्वीरों के जरिए उन उपभोक्ताओं की पहचान की जाएगी जो 9 सिम की तय सीमा को पार कर चुके हैं. सीमा से अधिक लिए गए सिम कार्ड तत्काल प्रभाव से ब्लॉक और डिस्कनेक्ट कर दिए जाएंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: देश में बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे घोटालों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों (जैसे जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल) को निर्देश दिया है कि वे अपने नाम पर अनुमेय सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं की पहचान करें और उन्हें अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करने से रोकें.

इस नई व्यवस्था के तहत दूरसंचार विभाग अपने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए फोटो-आधारित सत्यापन (Photo-based verification) प्रणाली लागू कर रहा है. इसके तहत तय सीमा तक पहुंच चुके उपभोक्ताओं का एक केंद्रीय इमेज रिपॉजिटरी डेटाबेस तैयार किया गया है, जिसके जरिए क्रॉस-ऑपरेटर स्तर पर जांच की जाएगी. यह भी पढ़ें: छोटी सी गलती खाली करा सकती है बैंक अकाउंट, जानें क्या है SIM Swap Scam; सरकार ने दी चेतावनी

9 से ज्यादा सिम रखने वालों पर दूरसंचार विभाग सख्त

क्या है एक व्यक्ति के लिए सिम कार्ड की तय सीमा?

दूरसंचार विभाग के मौजूदा नियमों के अनुसार:

यदि कोई उपभोक्ता इस सीमा से अधिक सिम कार्ड लेता है, तो नए नियमों के तहत बाद की तारीखों में लिए गए अतिरिक्त कनेक्शनों को प्राथमिकता के आधार पर डिस्कनेक्ट (बंद) कर दिया जाएगा.

DIP और फोटो वेरिफिकेशन: कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

रिपोर्ट्स के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने इस नई प्रणाली के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है:

  1. 23 अगस्त से फोटो रिपॉजिटरी: 9 या उससे अधिक सिम ले चुके सभी उपभोक्ताओं की प्रतिनिधि तस्वीरें डीआईपी (DIP) पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएंगी। टेलीकॉम ऑपरेटरों को रोजाना इस डेटाबेस को डाउनलोड करना होगा।
  2. 24 अगस्त से जांच शुरू: नए सिम कार्ड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के चेहरे का मिलान इस डेटाबेस से किया जाएगा. यदि व्यक्ति पहले ही अधिकतम सीमा पर पहुंच चुका है, तो उसे सूचित कर नया कनेक्शन देने से मना कर दिया जाएगा.
  3. 30 नवंबर तक रियल-टाइम सिस्टम: शुरुआत में यह जांच प्रक्रिया अगले दिन के आधार पर चलेगी, लेकिन 30 नवंबर 2026 तक सभी ऑपरेटरों को इसे अपने ऑन-बोर्डिंग सिस्टम में रियल-टाइम (तुरंत) अनिवार्य रूप से जोड़ना होगा.

'डिजिटल अरेस्ट' और बेनामी सिम सिंडिकेट पर चोट

यह कदम सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई और गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की सिफारिशों के बाद उठाया गया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर जालसाज अक्सर फर्जी पहचान पत्रों या अनजान लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके थोक में सिम कार्ड खरीदते हैं और सीबीआई, ईडी या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं. फोटो-आधारित केंद्रीय सत्यापन प्रणाली लागू होने से एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग ऑपरेटरों से फर्जी तरीके से कई सिम लेने के रास्ते बंद हो जाएंगे.

उपभोक्ता कैसे जांचें अपने नाम पर दर्ज सिम कार्ड?

नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार ने संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर TAFCOP सुविधा उपलब्ध कराई है:

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