डोमिनिका में ही रहेगा Mehul Choksi, 2 जून को अगली सुनवाई: कोर्ट
डोमिनिका उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक बार फिर भगोड़े भारतीय कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी, जो 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है. न्यायमूर्ति एमई बिर्नी स्टीफेंसन ने अपने आदेश में चोकसी को अभी डोमिनिका में ही बनाए रखने को कहा है.
नई दिल्ली, 29 मई: डोमिनिका उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक बार फिर भगोड़े भारतीय कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी, जो 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है. न्यायमूर्ति एमई बिर्नी स्टीफेंसन ने अपने आदेश में चोकसी को अभी डोमिनिका में ही बनाए रखने को कहा है. कोर्ट ने कहा है कि चोकसी से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 2 जून को निर्धारित की गई है. चोकसी के वकीलों द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत का यह फैसला आया. डोमिनिकन अदालत ने आगे कहा कि चोकसी को चिकित्सा देखभाल और कोविड -19 परीक्षण के प्रशासन के लिए हर हाल मे डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप अस्पताल ले जाया जाना चाहिए.
13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई और ईडी द्वारा भारत में वांछित चोकसी रविवार को एंटीगा और बारबुडा से लापता हो गया था लेकिन बड़े पैमाने पर तलाशी के बाद उसे बुधवार को डोमिनिका में पकड़ लिया गया था. इससे पहले दिन में भारत में चोकसी के वकील, विजय अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, डोमिनिका की एक अदालत ने मेहुल चोकसी बनाम अटॉर्नी जनरल ऑफ कॉमनवेल्थ और पुलिस प्रमुख शीर्षक से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर अगले आदेश तक चोकसी को डोमिनिका की भूमि से हटाने पर रोक लगाने का आदेश दिया है. गुरुवार की रात अग्रवाल ने कहा था कि चोकसी को एंटीगुआ से जबरन एक जहाज में बैठाया गया और उसे डोमिनिका ले जाया गया.
यह भी पढ़ें- मेहुल चोकसी के वकील का खुलासा- उन्हें एंटिगुआ से जहाज में चढ़ने पर मजबूर किया गया
उन्होंने यह भी दावा किया कि चोकसी के शरीर पर बल प्रयोग के निशान हैं. वकील ने कहा, कुछ गड़बड़ है और मुझे लगता है कि उन्हें दूसरी जगह ले जाने को लेकर एक रणनीति अपनाई गई है, ताकि उन्हें भारत वापस भेजने की संभावना बन सके. इसलिए मुझे नहीं पता कि कौन सी ताकतें काम कर रही हैं, यह तो समय ही बताएगा. हालांकि, एंटीगा के पुलिस आयुक्त एटली रॉडने ने चोकसी के वकील के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें जबरन लेकर जाने की कोई जानकारी नहीं है.
बुधवार को, एंटीगा और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा था कि भगोड़े हीरा व्यापारी को भारत लौटने की जरूरत है, ताकि वह अपने खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों का सामना कर सके. एंटीगा न्यूज रूम ने ब्राउन के हवाले से एंटीगुआ और बारबुडा में पत्रकारों से कहा, हमने उन्हें एंटीगुआ वापस नहीं भेजने के लिए कहा है. उन्हें भारत भेजे जाने की जरूरत है, जहां वह अपने खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों का सामना कर सकें.
यह भी पढ़ें- पीएम मोदी की रणनीति के चलते चेक-मेट हुआ Mehul Choksi, डोमिनिका जल्द भारत को सौंपेगा
पीएनबी ऋण धोखाधड़ी मामले में आरोपी चोकसी अपने भांजे नीरव मोदी के साथ 4 जनवरी, 2018 से एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है. मामले में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने वाली सीबीआई और ईडी चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 29, 2021 11:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

