Ram Mandir Donation Row: 'राम भक्तों के सब्र का इम्तिहान न लें'- मंदिर दान विवाद पर विपक्ष पर बरसे सीएम योगी आदित्यनाथ (Watch Video)
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी को लेकर विपक्ष पर तीखा पलटवार किया है. देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विरोधी दलों को 'राम भक्तों के धैर्य की परीक्षा न लेने' की चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
देवरिया/अयोध्या: अयोध्या के श्री राम मंदिर (Ayodhya Shri Ram Mandir) में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मोर्चा संभाल लिया है. शुक्रवार, 26 जून 2026 को देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे विपक्षी दलों को कड़े लहजे में चेतावनी दी. उन्होंने विरोधियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे "राम भक्तों के सब्र का इम्तिहान न लें." सीएम योगी ने अपनी सरकार की त्वरित कार्रवाई का बचाव करते हुए साफ किया कि विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है और सच को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाया जाएगा. यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir Donation Row: कौन हैं राम मंदिर दान चोरी मामले में गिरफ्तार हुए सभी 8 आरोपी? जानिए पूरी लिस्ट और उन पर लगी धाराएं
"राम का अस्तित्व नकारने वाले आज पूछ रहे हैं सवाल"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने विपक्ष के इस रुख को उनका दोहरा मापदंड और पाखंड करार दिया. उन्होंने जनता को याद दिलाया कि जो लोग आज मंदिर के फंड और प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने इतिहास में राम मंदिर निर्माण का पुरजोर विरोध किया था और भगवान राम के अस्तित्व को ही अदालत में चुनौती दी थी.
सीएम योगी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "कुछ लोग जो आज तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने कभी अदालत में हलफनामा देकर प्रभु श्री राम के अस्तित्व को ही खारिज कर दिया था. वे लोग सालों तक अदालतों में वकीलों की फौज खड़ी करके मंदिर निर्माण को रुकवाने की कोशिश करते रहे." उन्होंने आगे कहा कि जिस राजनीतिक गुट ने दशकों तक देश को लूटा, वह आज मंदिर के खजाने की शुचिता की झूठी चिंता का दिखावा कर रहा है.
समाजवादी पार्टी को याद दिलाया 1990 का वाकया
कांग्रेस के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा निशाना साधा. उन्होंने साल 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग का जिक्र करते हुए कहा, "जिन लोगों ने कभी 'जय श्री राम' का उद्घोष करने वाले निहत्थे और निर्दोष भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वे आज वर्तमान सरकार को ईमानदारी और जवाबदेही पर उपदेश देने की कोशिश कर रहे हैं. जनता इनकी असलियत को अच्छी तरह जानती है."
'जीरो-टॉलरेंस' की नीति: शुरुआती जांच में ₹2 करोड़ बरामद
राम मंदिर दान विवाद की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जनसभा में भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार जनता और भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रयास के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति पर काम कर रही है. मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने तत्काल कड़ा कदम उठाते हुए एसआईटी का गठन किया था.
उन्होंने बताया कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही गुरुवार रात को पुलिस ने पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और मामले से जुड़े 8 मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है. पुलिस ने शुरुआती जांच और छापेमारी के दौरान ही आरोपियों के पास से ₹2 करोड़ से अधिक की नकदी बरामद कर ली है.
'राम भक्तों की परीक्षा न लें'
15 दिनों में सामने आएगा पूरा सच, अफवाहों से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने जनता और राजनीतिक विश्लेषकों से धैर्य बनाए रखने और कानूनी व न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की. उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की यह जांच बेहद पारदर्शी तरीके से चल रही है और अगले 15 दिनों के भीतर इस पूरे मामले की सच्चाई देश और दुनिया के सामने रख दी जाएगी.
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि यदि किसी के पास भी इस कथित वित्तीय हेराफेरी के पुख्ता दस्तावेजी सबूत (Documentary Proof) मौजूद हैं, तो वे सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर केवल अफवाहें फैलाने और बयानबाजी करने के बजाय, उन सबूतों को सीधे जांच कर रही एसआईटी को सौंपें. उन्होंने अंत में दोहराया कि सरकार दुनिया भर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं और मंदिर ट्रस्ट की पवित्रता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.