Disha Salian Death Case: संजय राउत का दावा- '500 करोड़ का नोटिस सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट', दिशा सालियान केस पर फिर तेज हुई सियासत

The political dispute surrounding the death of former celebrity manager Disha Salian has intensified after Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut criticised her father Satish Salian’s decision to serve an INR 500-crore defamation notice on Aaditya Thackeray.

Disha Salian Death Case: दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने दिशा के पिता सतीश सालियान द्वारा आदित्य ठाकरे को भेजे गए 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. राउत ने इसे "पब्लिसिटी स्टंट" करार देते हुए कहा कि मातोश्री जाकर नोटिस देना केवल प्रचार पाने की कोशिश थी. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत की नई जांच शुरू कर दी है. Disha Salian Death Case: दिशा सालियन मौत का मामला, पिता सतीश सालियन का बयान दर्ज होने के बाद CBI ने FIR दर्ज की

संजय राउत ने क्या कहा?

रविवार, 20 सितंबर को मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि दिशा सालियान की मौत बेहद दुखद थी, लेकिन उनके पिता द्वारा मातोश्री जाकर नोटिस देने का तरीका सही नहीं था. राउत ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी. लेकिन जिस तरह उनके पिता मातोश्री जाकर नोटिस देने पहुंचे, वह सिर्फ पब्लिसिटी पाने की कोशिश थी. यह दुख नहीं, बल्कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का तरीका है." उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जानकारी उनकी पार्टी को है. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.

500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का मामला

सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने उनके और उनकी बेटी के मामले को लेकर मानहानिकारक बयान दिए. नोटिस में दोनों से सार्वजनिक माफी मांगने, बयान वापस लेने और सात दिनों के भीतर जवाब देने की मांग की गई है.

आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार

इससे पहले आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा था कि उनका दिशा सालियान से कभी कोई संबंध नहीं रहा. उन्होंने लिखा कि उन्होंने कभी दिशा सालियान से मुलाकात नहीं की और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे. आदित्य ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक साजिश और झूठा अभियान बताया.

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी चेतावनी दी है कि यदि उनके परिवार के खिलाफ चरित्र हनन की कोशिश जारी रही तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे.

सीबीआई कर रही है नई जांच

28 वर्षीय दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई के मलाड स्थित एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी. उस समय मुंबई पुलिस ने इसे आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था और बाद में जांच में इसे आत्महत्या बताया था.

हालांकि, 2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच को अपर्याप्त मानते हुए सीबीआई को नई एफआईआर दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया. इसके बाद सीबीआई ने सतीश सालियान के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

एफआईआर में कई नामों का जिक्र, लेकिन आरोपी घोषित नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे सहित कई लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है. हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त सबूत मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा. फिलहाल सीबीआई मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है.

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