Disha Salian Death Case: दिशा सालियन मौत का मामला, पिता सतीश सालियन का बयान दर्ज होने के बाद CBI ने FIR दर्ज की

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है. इससे दो दिन पूर्व दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई के समक्ष अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया था.

नई दिल्ली/मुंबई: बॉलीवुड की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. यह कदम बॉम्बे हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया गया है जिसमें मामले की नए सिरे से निष्पक्ष और गहन जांच करने तथा जांच की निगरानी के लिए सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करने का आदेश दिया गया था.

सीबीआई द्वारा केस दर्ज किए जाने से दो दिन पूर्व, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने जांच एजेंसी के समक्ष अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया था. इस बयान के आधार पर एजेंसी ने अब पूर्ववर्ती मालवणी पुलिस स्टेशन से केस से जुड़े तमाम केस डायरी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक दस्तावेज तलब किए हैं. यह भी पढ़ें: Disha Salian Case: दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC ने दिए CBI जांच और FIR के आदेश; नितेश राणे बोले- 'यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी'

पिता का बयान: 'साजिश, सबूतों को नष्ट करना और झूठी आत्महत्या की कहानी'

सीबीआई को दिए गए अपने बयान में सतीश सालियान ने दावा किया है कि उनकी बेटी की मौत महज एक सामान्य आत्महत्या या हादसा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी:

बॉम्बे हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश और सीबीआई की नई जांच

दिशा सालियान के परिजनों और विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में स्वतंत्र और केंद्रीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया था:

जून 2020 की वह घटना और सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़ाव

दिशा सालियान की मौत 8-9 जून 2020 की दरमियानी रात को मुंबई के मलाड स्थित रीजेंट गैलेक्सी इमारत की 14वीं मंजिल से कथित रूप से गिरने के कारण हुई थी:

सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि वे सतीश सालियान के बयान में नामित सभी व्यक्तियों के बयानों की सत्यता, तत्कालीन कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और तकनीकी साक्ष्यों का नए सिरे से फॉरेंसिक परीक्षण करेंगे, जिसके बाद संबंधित पक्षों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

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