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धारावी प्रोजेक्ट: अदाणी समूह ने किया अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स से करार

मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास योजना को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है.

धारावी प्रोजेक्ट: अदाणी समूह ने किया अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स से करार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास योजना को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. सियासी विवाद के बीच अदाणी समूह ने धारावी के पुनर्विकास के लिए विदेशी कंपनियों के साथ करार किया है.मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी के पुनर्विकास को लेकर बीते कई हफ्तों से राजनीति जारी है. उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी जैसे विपक्षी दल इस प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप लगा रहे हैं. वहीं अदाणी समूह ने इस विवाद को लेकर दो हफ्ते पहले एक बयान में कहा था कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए टेंडर की शर्तों को अंतिम रूप दिया गया था.

पिछले महीने उद्धव गुट और कांग्रेस ने इस परियोजना के विरोध में एक रैली निकाली थी. एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी के पुनर्विकास परियोजना के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिस तरह से धारावी का पुनर्विकास किया जा रहा है वह मुंबई और महाराष्ट्र के लिए हानिकारक और बुरा है.

धारावी को चमकाने की योजना

जुलाई में महाराष्ट्र सरकार ने 259 हेक्टेयर में फैले धारावी स्लम को दोबारा विकसित करने का जिम्मा औपचारिक रूप से अदाणी समूह की कंपनी धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (डीआरपीपीएल) को सौंपा था. सोमवार को डीआरपीपीएल ने कहा कि वह पुनर्विकास के लिए हफीज कॉन्ट्रैक्टर, अमेरिकी डिजाइन कंपनी सासाकी और यूके की कंपनी बुरो हैपोल्ड के साथ हाथ मिला रही है.

अधिकारी इसे दुनिया की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास योजना बताते हैं. डीआरपीपीएल ने इसको विकसित करने के लिए 5069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. डीआरपीपीएल में अदाणी समूह की 80 फीसदी और महाराष्ट्र सरकार की 20 फीसदी हिस्सेदारी है.

डीआरपीपीएल की स्थापना जुलाई में की गई थी और और अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ करार इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि विपक्षी दल अदाणी समूह पर बोली में फायदा उठाने का आरोप लगा रहे हैं. जबकि झुग्गी बस्ती में रहने वाले इस चिंता में हैं कि क्या अदाणी समूह इस प्रोजेक्ट को पूरा कर पाएगा.

अदाणी समूह ने अपने बचाव में एक बयान में कहा था कि धारावी परियोजना एक निष्पक्ष, खुली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान की गई थी. जबकि राज्य सरकार ने किसी भी गलत काम से इनकार किया था.

मुंबई में पिछले महीने अदाणी के दफ्तर के बाहर हजारों की संख्या में लोगों ने पुनर्विकास योजनाओं के विरोध में प्रदर्शन भी किया था.

एए/वीके (रॉयटर्स)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2024 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).