Delhi Protest Sites: दिल्ली का जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर, रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को मिली जगह
दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय नई दिल्ली जिले के जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिकृत सूची से हटा दिया है. गृह मंत्रालय के पैनल की सिफारिशों के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली) को नए प्रदर्शन स्थल के रूप में नामित किया गया है.
Delhi Protest Sites: राष्ट्रीय राजधानी में लंबे समय से राजनीतिक आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और विरोध रैलियों का केंद्र रहे जंतर-मंतर को दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा (डिनोटिफाइड) दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशों के तहत गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब सेंट्रल दिल्ली के बजाय शहर के अन्य तीन स्थानों को प्रदर्शन के लिए अधिकृत किया गया है. यह भी पढ़े: दिल्ली समाचार 2 अक्टूबर, 2026: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, मेट्रो बंद, प्रदूषण नियंत्रण और यातायात अपडेट समेत पढ़ें बड़ी खबरें एक क्लिक में
ये तीन नए स्थान किए गए हैं नामित
दिल्ली पुलिस के नए स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार, अब प्रदर्शनकारियों और संगठनों को धरना या प्रदर्शन करने के लिए निम्नलिखित तीन स्थलों का उपयोग करना होगा:
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रामलीला मैदान (मध्य दिल्ली)
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बुराड़ी ग्राउंड (उत्तरी दिल्ली)
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सीबीडी ग्राउंड (CBD Ground) (पूर्वी दिल्ली)
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन तीनों नए स्थलों पर विरोध प्रदर्शनों के संचालन के लिए अलग से विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी. यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक संशोधन करते हुए लागू किया गया है.
राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया और विरोध
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं.
कॉकट्रेच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. सीजेपी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से जहां एक ओर मध्य दिल्ली के अति-सुरक्षित क्षेत्र में वीवीआईपी मूवमेंट और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर सरकार और विपक्षी दलों के बीच टकराव बढ़ सकता है.