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Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर कचरे के रैपर से रेस्टोरेंट्स तक पहुंची दिल्ली पुलिस; मुफ्त खाना भेजने पर पूछताछ के आरोप

नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस धरना स्थल पर बिखरे खाद्य सामग्रियों के रैपर और पैकेट के जरिए रेस्टोरेंट्स और कैफे तक पहुंचकर उनसे मुफ्त या बल्क डिलीवरी रोकने को कह रही है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स पर किसी भी तरह के प्रतिबंध की अफवाहों का खंडन किया है.

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर कचरे के रैपर से रेस्टोरेंट्स तक पहुंची दिल्ली पुलिस; मुफ्त खाना भेजने पर पूछताछ के आरोप
जंतर-मंतर प्रदर्शन (Photo Credits: X/@skynewsagra)

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा धांधली और पेपर लीक को लेकर राजधानी के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर जारी छात्र आंदोलनों को दबाने और वहां बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति सीमित करने के आरोप दिल्ली पुलिस पर लग रहे हैं.

'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक विशेष मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस धरना स्थल पर फेंके गए खाली रैपर्स और पैकेजिंग डिब्बों के जरिए साउथ दिल्ली और आसपास के रेस्टोरेंट्स तथा कैफे तक पहुंच रही है. आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने रेस्टोरेंट मालिकों से जंतर-मंतर पर मुफ्त भोजन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भेजे जा रहे बल्क फूड ऑर्डर्स (थोक भोजन) की आपूर्ति रोकने को कहा है. यह भी पढ़ें: Pragya Thakur Controversy: ‘झाड़ू ने कॉकरोचों से दोस्ती कर ली’; प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादित पोस्ट से गरमाई राजनीति

रेस्टोरेंट मालिकों ने लगाया पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को औसतन 800 फूड पैकेट आपूर्ति करने वाले दक्षिण दिल्ली के एक रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि पुलिस अधिकारी गुरुवार को उनके स्टोर पर पहुंचे. पुलिस कर्मियों ने वहां से धरना स्थल पर भारी मात्रा में खाना भेजे जाने को लेकर पूछताछ की और स्टोर का पता चलने का कारण वहां मिले पैकेजिंग रैपर्स को बताया.

रेस्टोरेंट संचालक के अनुसार, उन्हें उसी रात पुलिस स्टेशन बुलाया गया जहां एक पुलिस निरीक्षक ने उनसे कहा कि प्रदर्शन में कई असमाजिक तत्व भी भोजन का लाभ उठा रहे हैं. अधिकारी ने सलाह दी कि स्विगी (Swiggy) और ज़ोमैटो (Zomato) जैसे ऐप्स से आने वाले बड़े ऑर्डर्स को तुरंत डिलीवर करने के बजाय रेड फ्लैग (संदेहास्पद) माना जाए और मुफ्त भोजन की आपूर्ति से परहेज किया जाए.

इसी तरह एक अन्य कैफे के कर्मचारी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें जंतर-मंतर पर "मुफ्त जलपान और विश्राम" की पेशकश करने वाला अपना सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करना पड़ा.

फूड डिलीवरी बैन की खबरों पर दिल्ली पुलिस का खंडन

सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर और नई दिल्ली इलाके में फूड डिलीवरी ऐप सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध की खबरें वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है.

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए लिखा:

"सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में फूड डिलीवरी ऐप सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह दावा पूरी तरह से झूठा, निराधार और भ्रामक है. दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में खाद्य वितरण सेवाओं पर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है."

हालांकि, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS, 2023) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा को देखते हुए ऐप-बेस्ड मोबिलिटी, राइड-हेलिंग और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में अपने परिचालन को विनियमित (Regulate) करने की सलाह दी गई है.

"आंदोलन का मोमेंटम तोड़ने की कोशिश"

रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जंतर-मंतर पर लगातार हो रहे इंटरनेट शटडाउन, आसपास के मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और अब भोजन की आपूर्ति पर कड़ाई के जरिए सरकार व पुलिस प्रदर्शनकारियों की एकजुटता और आंदोलन की गति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही हैं.

उल्लेखनीय है कि देश-विदेश से प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए पिज्जा, बर्गर, समोसे, पानी की बोतलें और दवाइयां जंतर-मंतर भिजवा रहे थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2026 01:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).