Delhi-NCR EV Rule: दिल्ली और एनसीआर में इलेक्ट्रिक L5 थ्री-व्हीलर्स को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आदेश, बिना PUCC वाले वाहनों पर सख्त नियम लागू

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने NCR में इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर्स (L5 श्रेणी) के पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य कर दिया है. इसके साथ ही अक्टूबर 2026 से बिना वैध PUCC (प्रदूषण प्रमाणपत्र) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा.

Delhi-NCR Electric Vehicle Rule: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दो बड़े और कड़े फैसले लिए हैं. आयोग ने शुक्रवार (15 मई) को दिल्ली-एनसीआर में L5 श्रेणी के केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (3-Wheelers) के पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करने की घोषणा की है. इसके साथ ही, प्रदूषण नियमों को और सख्त करते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि अक्टूबर 2026 से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को ईंधन (पेट्रोल-डीजल) नहीं दिया जाएगा.

यह कदम 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021' की धारा 12 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए उठाया गया है.  यह भी पढ़े:  Weather Forecast Today, May 16: देश में भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट, दिल्ली-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आज बारिश की संभावना

इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर्स का चरणबद्ध रोलआउट प्लान

सीएक्यूएम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में एल5 (L5) श्रेणी के केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए एक समयसीमा तय की गई है:

1 अक्टूबर 2026 से बिना PUCC 'नो फ्यूल' नियम

वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए आयोग ने ईंधन वितरण को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. 1 अक्टूबर 2026 से पूरे दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा जिनके पास वैध पीयूसीसी (PUCC) नहीं होगा.

इस नियम को कड़ाई से लागू करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरा सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा. पेट्रोल पंपों पर लगे कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर तुरंत उसके प्रदूषण सर्टिफिकेट की वैधता की जांच कर लेंगे.

हालांकि, आपातकालीन परिस्थितियों जैसे कि मेडिकल इमरजेंसी, कानून-व्यवस्था से जुड़ी ड्यूटी, आपदा प्रबंधन अभियान या संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित विशेष मामलों में इस नियम से छूट दी जा सकती है.

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश

सीएक्यूएम ने दिल्ली और संबंधित एनसीआर राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर आवश्यक तकनीकी प्रणालियों और एएनपीआर (ANPR) कैमरों की स्थापना और एकीकरण का काम समय रहते पूरा सुनिश्चित करें.

ग्रैप (GRAP) के पहले चरण की पाबंदियां हटीं

यह नया निर्देश ऐसे समय में आया है जब एक सप्ताह पहले ही आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-1 (Stage-I) के तहत लागू प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया था.

आईएमडी (IMD) और आईआईटीएम (IITM) के मौसम व वायु गुणवत्ता पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद ग्रैप की उप-समिति ने पाया था कि आने वाले दिनों में क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'संतोषजनक से मध्यम' श्रेणी में रहने की संभावना है. इसी सुधार को देखते हुए अस्थायी पाबंदियां हटाई गई हैं, लेकिन दीर्घकालिक सुधार के लिए ईवी और पीयूसीसी से जुड़े इन नए सख्त नियमों को लागू किया जा रहा है.

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