देश

Delhi: स्वयंभू बाबा के आश्रम में जानवरों जैसी हालत में मिली लड़कियां, नहाने के लिए भी नहीं था कोई पर्दा- हाईकोर्ट हुआ शख्त

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को उत्तरी दिल्ली के रोहिणी में एक आश्रम की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई. ये आश्रम एक बाबा चलाता है, जो कथित तौर पर कई लड़कियों को जानवरों जैसी बदतर स्थिति में वहां रखे हुए है. कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

Delhi: स्वयंभू बाबा के आश्रम में जानवरों जैसी हालत में मिली लड़कियां, नहाने के लिए भी नहीं था कोई पर्दा- हाईकोर्ट हुआ शख्त
दिल्ली पुलिस (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को उत्तरी दिल्ली के रोहिणी (Rohini) में एक आश्रम की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई. ये आश्रम एक बाबा चलाता है, जो कथित तौर पर कई लड़कियों को जानवरों जैसी बदतर स्थिति में वहां रखे हुए है. कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. घटना प्रकाश में आने के बाद बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित द्वारा संचालित 'आध्यात्मिक विश्व विद्यालय' में एक उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति द्वारा छापेमारी की गई. निरीक्षण के दौरान दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को भी पुलिस के साथ जाने को कहा गया.

समिति ने अदालत को बताया कि लड़कियों और महिलाओं को आश्रम में जानवरों जैसी स्थिति में रखा गया था, यहां तक कि नहाने के लिए भी कोई पर्दा नहीं था और वहां से लगभग 40 महिलाओं को बचाया गया. UP: दलित छात्र की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो वायरल, 8 आरोपी गिरफ्तार, अखिलेश यादव ने पीड़ित से की मुलाकात

2018 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'आध्यात्मिक विश्व विद्यालय' को विश्व विद्यालय के रूप में घोषित करने से रोक दिया था और सीबीआई को स्वयंभू बाबा का पता लगाने का निर्देश दिया था.

20 दिसंबर, 2017 को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई को आश्रम में लड़कियों और महिलाओं के कथित अवैध कारावास की जांच करने का निर्देश दिया, जिन्हें कांटेदार तारों से घिरे किले में धातु के दरवाजों के पीछे अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था.

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दीक्षित के खिलाफ कथित तौर पर कई महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को अपने आश्रम में बंधक बनाने के आरोप में तीन मामले दर्ज किए थे.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट का विचार था कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग को इस जगह का ध्यान रखना चाहिए.

पीठ ने टिप्पणी की, दिल्ली जैसे शहर में दिन के उजाले में, आप इस तरह की चीजें देख रहे हैं. हम इसे पढ़कर चकित हैं. विस्तृत सुनवाई के बाद, मामले को 21 अप्रैल के लिए एनजीओ फाउंडेशन फॉर सोशल एम्पावरमेंट द्वारा दायर याचिका के साथ जोड़ दिया गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2022 07:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).