Delhi COVID Update: स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन का बड़ा बयान, कहा- दिल्ली में अभी लॉकडाउन नहीं, कोरोना से मरने वाले अधिकांश व्यक्ति अन्य बीमारियों से ग्रस्त
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लोगों से कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करने का आग्रह किया और बताया कि केवल सावधानी ही इसका असल बचाव है. जब भी बहार निकलें, मास्क जरूर लगाएं. उन्होंने लोगों से सार्वजनिक जगहों पर जाते व़क्त सुरक्षा के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निवेदन किया.
नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Corona) से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा संख्या उन मरीजों की है जो किसी अन्य बीमारियों के चलते अस्पताल (Hospital) में थे, गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन (Satyendra Jain) ने यह बात कही है. कोरोना के कारण होने वाली मौतों पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि डेथ कमेटी के ऑडिट के अनुसार, कोरोना से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा संख्या उन मरीजों की है जो किसी अन्य बीमारियों के चलते अस्पताल में एडमिट थे. उन्होंने बताया दिल्ली में जिस हिसाब से मामले बढ़े हैं, उस हिसाब से मरीजों की भर्ती होने की दर फिलहाल बहुत कम है. मरीजों की अस्पताल में भर्ती होने की दर में कोई इजाफा नहीं हो रहा. Delhi COVID Update: दिल्ली में हर चौथा व्यक्ति कोरोना से संक्रमित, पिछले 24 घंटे में 23 लोगों की हुई मौत
गौरतलब है कि दिल्ली में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमण के 28,867 नए मामले आए हैं. वहीं इस दौरान 31 व्यक्तियों की मौत हुई. बुधवार को कोरोना संक्रमण के 27,000 से अधिक नए मामले आए थे और 40 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी.
उन्होने आईसीयू में भर्ती हो रहे मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अस्पतालों में आईसीयू बेड पर भर्ती मरीजों में बहुत कम ऐसे मामले हैं जो सिर्फ कोरोना के कारण आईसीयू में भर्ती हुए हैं. ज्यादातर मरीज ऐसे हैं जो किसी अन्य बीमारी का इलाज करवा रहे हैं और जाँच कराये जाने पर कोरोना पॉजिटिव भी आ गए हैं. उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति किसी बीमारी से पीड़ित है और अस्पताल में अपना इलाज करने के लिए आता है, तो ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के अनुसार उसका कोविड टेस्ट किया जाता है और पॉजिटिव पाये जाने पर उसका आगे का इलाज कोरोना वार्ड में ही चलता है. इसका मतलब यह है कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज कोरोना से कम लेकिन अन्य बीमारियों के कारण ज्यादा भर्ती हो रहे हैं. चूंकि उन्हें कोरोना भी है, तो उन्हे भी हम कोरोना के आईसीयू बेड में भर्ती मरीजों की गिनती में शामिल किया जाता है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की दर स्थिर हुई है. रोजाना आने वाले नए मामलों की तुलना में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की दर फिलहाल नियंत्रण में है. हम आशा कर हैं कि यह इस लहर की पीक हो.
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रोजाना नए मामले आने के बावजूद भी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या उतनी ही है. यह एक संकेत हो सकता है कि कोरोना का पीक अब आ चुका है. मैं उम्मीद करता हूँ कि कोरोना का यह पीक जल्द से जल्द आकर खत्म हो, ताकि दिल्ली और देश में कोरोना के मामले कम हों और लोगों को इसके प्रकोप से निजात मिल सके.
इसके अलावा, उन्होने अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या और सरकार की तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा कि अस्पताल में फिलहाल बेड की तुलना में बेहद कम मरीज भर्ती हैं. उदाहरण के तौर पर जीटीबी अस्पताल में 30 कोरोना के मरीज भर्ती हैं, वहाँ कुल 750 बेड उपलब्ध हैं. इसी तरह से एलएनजेपी अस्पताल में फिलहाल कुल 750 बेड उपलब्ध हैं लेकिन 136 मरीज ही भर्ती हैं. यदि जरूरत पड़ी तो हम इस दोनों अस्पतालों में 1000 बेड और बढ़ा सकते हैं. ठीक इसी तरह से दिल्ली के अन्य अस्पताल जैसे दीनदयाल हॉस्पिटल, लोक नायक हॉस्पिटल और राजीव गाँधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी तैयारियां की गई है.
दिल्ली सरकार की ओर से अस्पतालों में कुल 37 हजार बेड का इंतजाम किया है. अभी फिलहाल 15 हजार बेड को चालू किया गया है. जरूरत पड़ने पर हम रातों-रात बिस्तरों की संख्या को दोगुना करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन चूंकि अभी अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या इतनी कम है कि बिस्तरों को बढ़ाये जाने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है. हालाँकि सरकार आने वाली गंभीर से गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने लोगों से कोरोना से जुड़े नियमों का पालन करने का आग्रह किया और बताया कि केवल सावधानी ही इसका असल बचाव है. जब भी बहार निकलें, मास्क जरूर लगाएं. उन्होंने लोगों से सार्वजनिक जगहों पर जाते व़क्त सुरक्षा के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निवेदन किया. उन्होंने दिल्ली के लोगों को आश्वासन दिया कि दिल्ली में लॉकडाउन लागू नहीं है. प्रवासी मजदूरों को घबराने की जरूरत नहीं है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2022 09:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

