Delhi Building Collapse: दिल्ली बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई, अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जानकारी के अनुसार, यह इमारत ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर निर्माणाधीन तीन मंजिलों वाली थी. इमारत गिरने के दौरान उसका मलबा पास स्थित टीन शेड वाली कैंटीन पर आ गिरा, जहां कुछ बच्चे भोजन कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6 बजे अचानक इमारत ढह गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है.

Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब गांव में शनिवार शाम हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम बताया कि अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 30 मई की शाम करीब 7:35 बजे मेहरौली थाने के बीट स्टाफ को नियमित गश्त के दौरान सैदुलाजाब गांव में एक इमारत गिरने की सूचना मिली. Delhi Govt Begins Demolition Of Illegal Structures: शालीमार बाग में सड़क चौड़ीकरण के लिए 143 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, सरकार की बड़ी कार्रवाई

पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और अतिरिक्त सहायता के लिए संदेश भेजा. इसके बाद शाम 7:38 बजे पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) में भी कॉल दर्ज की गई. साकेत पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मलबे में फंसे छह लोगों को शुरुआती चरण में सुरक्षित बाहर निकाला. इसके साथ ही सभी संबंधित बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया.

घायलों को अस्पताल पहुंचाने में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया. एम्स ट्रॉमा सेंटर, सफदरजंग अस्पताल और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गईं ताकि घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके.

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और दिल्ली अग्निशमन सेवा की मदद से बाद में नौ अन्य लोगों को भी मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया.

दिल्ली पुलिस ने बताया कि हादसे में छह लोगों की जान चली गई है. वहीं सात घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है.

पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं. पुलिसकर्मियों को परिवारों की सहायता के लिए भी तैनात किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है.

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125(ए) के तहत गैर-इरादतन हत्या से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. मेहरौली थाने में एफआईआर दर्ज कर कई टीमों को जांच और छापेमारी के लिए लगाया गया है.

इससे पहले रविवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने अवैध निर्माणों और उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. साथ ही दक्षिण जिले के जिलाधिकारी के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं.

प्रशासन को आसपास के जर्जर और खतरनाक भवनों का सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.

जानकारी के अनुसार, यह इमारत ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर निर्माणाधीन तीन मंजिलों वाली थी. इमारत गिरने के दौरान उसका मलबा पास स्थित टीन शेड वाली कैंटीन पर आ गिरा, जहां कुछ बच्चे भोजन कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6 बजे अचानक इमारत ढह गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है.

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