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पहलगाम आतंकी हमले के बाद साइबर वॉर, पाकिस्तानी हैकर ग्रुप्स को सुरक्षा एजेंसियों ने दिया मुंहतोड़ जवाब

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान प्रायोजित हैकर ग्रुप्स ने भारतीय वेबसाइट्स को टारगेट कर एक नई साइबर जंग छेड़ दी. हालांकि, भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हरकत में आकर इन हमलों को नाकाम कर दिया.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद साइबर वॉर, पाकिस्तानी हैकर ग्रुप्स को सुरक्षा एजेंसियों ने दिया मुंहतोड़ जवाब
Representational Image | Pixabay

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान प्रायोजित हैकर ग्रुप्स ने भारतीय वेबसाइट्स को टारगेट कर एक नई साइबर जंग छेड़ दी. हालांकि, भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हरकत में आकर इन हमलों को नाकाम कर दिया. गुरुवार को हुए हमलों में जिन वेबसाइट्स को टारगेट किया गया, वे सीधे बच्चों, पूर्व सैनिकों और कल्याण सेवाओं से जुड़ी थीं. आर्मी पब्लिक स्कूल, नगरोटा और सुंजवां की वेबसाइट को हैक करने की कोशिश की गई.

भारत से डरता है पाकिस्तान... 1993 की CIA रिपोर्ट में पहले ही दी जा चुकी थी आतंकी हमलों की चेतावनी.

हैकर्स ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों का मजाक उड़ाने वाला कंटेंट वेबसाइट पर डालने की कोशिश की. पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट को भी डिफेस किया गया. जो कि बेहद संवेदनशील और दुखद प्रयास माना जा रहा है.

कौन हैं ये साइबर हमलावर?

साइबर सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमले "Cyber Group HOAX1337" और "National Cyber Crew" जैसे पाकिस्तानी हैकर ग्रुप्स द्वारा किए गए. यह हमला सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि भावनात्मक और नैतिक तौर पर भी आहत करने वाला था. अधिकारियों का कहना है: "बच्चों और पूर्व सैनिकों के प्लेटफॉर्म्स पर हमला करना पाकिस्तान की निराशा और नैतिक पतन को दर्शाता है."

बार-बार हो रहे साइबर हमले

यह हमला कोई पहली बार नहीं है. पिछले कुछ दिनों में एक स्पष्ट पैटर्न सामने आया है: Army Institute of Hotel Management और Indian Air Force Veterans Services की वेबसाइट्स पर भी हमले हुए. 29 अप्रैल को "IOK Hacker" नामक ग्रुप ने कई वेलफेयर और एजुकेशनल वेबसाइट्स को टारगेट किया, लेकिन वे भारत की मुख्य राष्ट्रीय नेटवर्क में घुसपैठ नहीं कर सके.

DDoS और डेटा चोरी की कोशिशें भी नाकाम

इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार APS श्रीनगर और APS रानीखेत पर भी प्रोपेगैंडा हमले हुए. APS श्रीनगर को DDoS (डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस) अटैक का सामना करना पड़ा. साथ ही, आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइजेशन (AWHO) और IAF प्लेसमेंट पोर्टल में सेंध लगाने की भी कोशिश की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते सभी प्रयास विफल कर दिए और कोई संवेदनशील या गोपनीय जानकारी लीक नहीं हुई.

LOC पर भी लगातार तनाव, गोलीबारी जारी

इन साइबर हमलों के बीच लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर भी तनाव चरम पर है. 8 दिनों से लगातार पाकिस्तानी सेना द्वारा गोलीबारी की जा रही है. भारत के कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाया गया. भारतीय सेना ने संयम और संतुलन के साथ जवाब दिया.

गौरतलब है कि यह साइबर हमला 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सामने आया है, जिसमें भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने बेसरन घास के मैदान में पर्यटकों पर हमला किया. 26 लोग मारे गए, जिनमें से 25 पर्यटक थे. यह हमला सिर्फ निर्दोष लोगों की हत्या नहीं, बल्कि आतंक का खुला प्रदर्शन था.

(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2025 05:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).