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कोलकाता की विशेष अदालत PMLA ने रोज वैली समूह के अधिकारी अरुण मुखर्जी को मनी लांड्रिंग मामले में ठहराया दोषी

कोलकाता में एक विशेष पीएमएलए अदालत ने रोज वैली समूह की एक कंपनी के अधिकारी अरुण मुखर्जी को धनशोधन मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल कड़े कारावास की सजा सुनाई है.

कोलकाता की विशेष अदालत PMLA ने रोज वैली समूह के अधिकारी अरुण मुखर्जी को मनी लांड्रिंग मामले में ठहराया दोषी
रोज वैली समूह ( photo credit : PTI)

नयी दिल्ली, 13 फरवरी : कोलकाता (Kolkata) में एक विशेष पीएमएलए अदालत ने रोज वैली समूह की एक कंपनी के अधिकारी अरुण मुखर्जी (Arun Mukherjee) को धनशोधन मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल कड़े कारावास की सजा सुनाई है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने धनशोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत 2014 में कंपनी, उसके अध्यक्ष गौतम कुंडू और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. कुंडू को एजेंसी ने 2015 में कोलकाता में गिरफ्तार किया था.

ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘अदालत ने अरुण मुखर्जी को सात साल कड़े कारावास की सजा सुनाई है और उस पर ढाई लाख रुपए का जुर्माना लगाया है, जिसे नहीं भरने पर उसे छह महीने और कड़े कारावास की सजा काटनी होगी.’’ उसने कहा कि मुखर्जी डिबेंचर न्यासी था और ‘रोज वैली रियल एस्टेट कंस्ट्रक्शन लिमिटेड’ कंपनी के कार्यों एवं मामलों के लिए जवाबदेह था. उसने अदालत के सामने धनशोधन का अपराध स्वीकार किया है. यह भी पढ़ें : Gurugram: गुरुग्राम में फेक कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 1 गिरफ्तार

रोज वैली समूह ने हजारों लोगों को निवेश पर अच्छा लाभ देने का झांसा लेकर उनका धन कथित तौर पर हड़प लिया है. ईडी के अनुसार, रोज वैली समूह ने इन योजनाओं के तहत निवेशकों से 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि एकत्र की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2021 05:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).