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कोविद-19 से दिहाड़ी मजदूर भी प्रभावित, मिल नहीं रहा काम

राम बहादुर बिहार का रहने वाला एक दिहाड़ी मजदूर है और बीते पांच साल से वह देश की राजधानी और आसपास के इलाके में टेंट लगाने का काम करता है, लेकिन बीते कुछ दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होने से उसे काम नहीं मिल रहा है.

कोविद-19 से दिहाड़ी मजदूर भी प्रभावित, मिल नहीं रहा काम
कोरोनावायरस प्रतिकत्मिक तस्वीर (Picture Credit: PTI)

नई दिल्ली: कोरोना (Covid-19) के कहर से न सिर्फ बड़े कारोबारी और बाजार-व्यवस्था प्रभावित हुआ है, बल्कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले मजदूरों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है. राम बहादुर बिहार का रहने वाला एक दिहाड़ी मजदूर है और बीते पांच साल से वह देश की राजधानी और आसपास के इलाके में टेंट लगाने का काम करता है, लेकिन बीते कुछ दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होने से उसे काम नहीं मिल रहा है. कोरोना के कहर से दुनियाभर में घबराहट के माहौल में लोगों के कामकाज पर गहरा असर पड़ा है. सांस्कृतिक समारोह से लेकर कारोबार व अन्य प्रकार के कार्यक्रम रद्द होने लगे हैं. यह हालात सिर्फ दिल्ली में नहीं, बल्कि देश के अन्य इलाकों में भी है.

बिहार के रक्सौल के वाल्मीकि प्रसाद का टेंट का कारोबार है. उन्होंने फोन पर बताया कि कोरोना वायरस फैलने के डर के मारे लोग शादी-समारोहों को भी स्थगित करने लगे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार से लगती नेपाल की सीमा बंद कर दी गई है और लोगों में डर का माहौल है, जिससे वे शादी-सगाई से लेकर सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द करने लगे हैं. दिल्ली के साकेत में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के मालिक विपुल ने बताया कि मार्च में उनके तीन बड़े इवेंट होने वाले थे, जो रद्द हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कारण उनके कामकाज पर काफी असर पड़ा है. यह भी पढ़ें: Coronavirus: देश में COVID-19 के मरीजों का आंकड़ा 100 के पार, भारत ने सील किए बॉर्डर, पीएम मोदी आज करेंगे SAARC देशों के साथ चर्चा

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर लोग भीड़भाड़ से दूर रहने के मद्देजनर सार्वजनिक आयोजन रद्द कर रहे हैं. यहां तक कि अनेक लोग होली मिलन के आयोजनों से भी दूर रहे, जिससे होली के अवसर पर इस साल वैसा उत्साह नहीं दिखा, जैसा कि हर साल देखने को मिलता है. कारोबारियों ने बताया कि होली पर रंग, गुलाल और पिचकारी की मांग इस साल बहुत कम रही. यहां तक कि नाई और धोबी के कारोबार पर भी असर पड़ा है.

माउंट टेलेंट कन्सल्टिंग फर्म के कुणाल गुप्ता ने बताया कि न सिर्फ असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है, बल्कि संगठित क्षेत्र में भी नई भर्तियां घट गई हैं. कुणाल रोजगार डॉट कॉम नामक वेबसाइट चलाते हैं. उन्होंने बताया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की नौकरियों की ओपनिंग इस समय बिल्कुल नहीं है और अन्य सेक्टरों की नौकरियों की नई वैकेंसी बहुत कम आ रही हैं, जिससे जॉब मार्केट पर काफी असर पड़ा है. यह भी पढ़ें: Coronavirus: फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाकर अपने ही देश में घुसने की कोशिश कर रहे थे पाकिस्तानी, 30 फरवरी की तारीख लिखे होने के कारण खुली पोल

चीन से पैदा हुआ कोरोना वायरस का प्रकोप अब दुनियाभर में गहराता जा रहा है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. देश में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है. दुनियाभर में अब तक करीब 1.34 लाख लोग कोरोना संक्रमण से पीड़ित हैं, जबकि तकरीबन 5,000 लोग इस जानलेवा वायरस का शिकार बन चुके हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 15, 2020 09:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).