Congress Meeting: अजित पवार के शिवसेना-भाजपा गठबंधन से हाथ मिलाने के बाद कांग्रेस की बैठक
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विभाजन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को राज्य की राजनीतिक स्थिति और 2024 के लोकसभा चुनाव पर इसके प्रभाव पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र पार्टी के नेताओं की एक बैठक की
नई दिल्ली, 11 जुलाई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विभाजन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को राज्य की राजनीतिक स्थिति और 2024 के लोकसभा चुनाव पर इसके प्रभाव पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र पार्टी के नेताओं की एक बैठक की खड़गे के अलावा पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, पार्टी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक, महाराष्ट्र प्रभारी एच.के. पाटिल और राज्य इकाई के प्रमुख नाना पटोले भी बैठक में मौजूद थे पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे के अलावा अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण भी उपस्थित थे पार्टी नेताओं के अनुसार कांग्रेस नेताओं ने एनसीपी विभाजन के प्रभाव और लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.
उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर कहा कि ''बीजेपी ने राजनीतिक धोखाधड़ी कर महाराष्ट्र के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है कांग्रेस पार्टी इसका करारा जवाब देगी भाजपा द्वारा जनादेश पर लगातार किए जा रहे हमलों का महाराष्ट्र की जनता कड़ा राजनीतिक जवाब देगी उन्हाेंने कहा, ''हमारे नेता और कार्यकर्ता महाराष्ट्र की जनता को कांग्रेस सरकार वापस दिलाएंगे महाराष्ट्र के लोगों के मन में हमारा हमेशा से स्थान रहा है हम महाराष्ट्र और कांग्रेस के बीच के गौरवशाली संबंधों को और मजबूत करेंगे इस बीच, राहुल गांधी ने भी फेसबुक पर लिखा, ''आज कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी के नेतृत्व में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक हुई.यह भी पढ़े: Maharashtra Politics: शिंदे गुट को खटक रहे हैं अजित पवार? सीएम की बढ़ सकती है टेंशन
पूर्व लोकसभा सांसद ने कहा, महाराष्ट्र कांग्रेस पार्टी का गढ़ है और हमारा ध्यान वहां कांग्रेस को मजबूत करने और लोगों की आवाज उठाने पर है हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस जनविरोधी सरकार को हराया जाए पिछले साल शिवसेना और पिछले महीने एनसीपी में विभाजन के बाद कांग्रेस अब महाराष्ट्र में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनकर उभरी है और उसने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के लिए दावा पेश किया हैअजित पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी के एक धड़े द्वारा राज्य में भाजपा-एकनाथ शिंदे सरकार से हाथ मिलाने के बाद यह बैठक बुलाई गई थी अजित पवार के नेतृत्व वाले खेमे ने पार्टी चिन्ह और पार्टी पर दावा करने के लिए चुनाव आयोग से भी संपर्क किया है
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2023 06:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

