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CM स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले 'अमेरिकी टैरिफ से तमिलनाडु पर पड़ेगा विपरीत असर', तत्काल राहत की उठाई मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने टैरिफ के गंभीर प्रभावों पर चिंता जताई है. साथ ही, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए व्यापार बहाल करने के लिए जरूर कदम उठाने का आग्रह किया.

CM स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले 'अमेरिकी टैरिफ से तमिलनाडु पर पड़ेगा विपरीत असर', तत्काल राहत की उठाई मांग

चेन्नई, 16 अगस्त : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने टैरिफ के गंभीर प्रभावों पर चिंता जताई है. साथ ही, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए व्यापार बहाल करने के लिए जरूर कदम उठाने का आग्रह किया.

पत्र में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भारत और अमेरिका के बीच एक पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में भारत सरकार की ओर से की जा रही कोशिशों की सराहना की. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार की स्थिति को तमिलनाडु सरकार पूरी तरह से समर्थन देती है. यह भी पढ़ें : CM स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले 'अमेरिकी टैरिफ से तमिलनाडु पर पड़ेगा विपरीत असर', तत्काल राहत की उठाई मांग

हालांकि, अपनी चिंताओं को जाहिर करते हुए एमके स्टालिन ने पत्र में लिखा, "वह प्रधानमंत्री का ध्यान तमिलनाडु के एक चिंताजनक मुद्दे की ओर खींचना चाहते हैं, जो वर्तमान टैरिफ वृद्धि के कारण गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है." उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में, भारत के कुल 433.6 अरब डॉलर के व्यापारिक निर्यात का 20 प्रतिशत अमेरिका को गया, जबकि तमिलनाडु के 52.1 अरब डॉलर के कुल माल का 31 प्रतिशत अमेरिका को निर्यात किया गया. उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि तमिलनाडु अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भर है, इसलिए टैरिफ का प्रभाव भारत के अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु पर अधिक पड़ेगा. इससे तमिलनाडु के विनिर्माण क्षेत्र और रोजगार पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा.

एमके स्टालिन ने पत्र में लिखा, "कपड़ा, परिधान, मशीनरी, ऑटोमोबाइल, रत्न और आभूषण, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद और रसायन क्षेत्र इस टैक्स से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. यह और भी चिंताजनक है कि ये सभी क्षेत्र श्रम-प्रधान उद्योग हैं और निर्यात में किसी भी मंदी से बड़े पैमाने पर नौकरियां कम होंगी." उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग, जो इस क्षेत्र में भारत के निर्यात का 28 प्रतिशत हिस्सा है और राज्य में लगभग 75 लाख लोगों को रोजगार देता है, विशेष रूप से गंभीर खतरे का सामना कर रहा है. अधिकारियों का अनुमान है कि यदि टैरिफ दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो 30 लाख लोगों को अपनी नौकरी खोने का खतरा है.

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उद्योग निकायों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है और इन परामर्शों के आधार पर कह सकते हैं कि कपड़ा क्षेत्र को दो मोर्चों पर तत्काल एक्शन की जरूरत है. उन्होंने कुछ सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी हैं, जिनमें जीएसटी दरों में बदलाव, कपास पर आयात शुल्क में छूट, आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत राहत, और क्रेडिट सुविधाओं का विस्तार करने की मांग शामिल है.

एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार से राहत के तौर पर टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों के लिए एक विशेष ब्याज सहायता योजना शुरू करने, बाजार जोखिमों की भरपाई के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में तेजी लाने और मूलधन के भुगतान पर कोविड-काल की रोक के समान एक वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा करने का अनुरोध किया है. स्टालिन ने मंत्रालयों और उद्योग के हितधारकों के परामर्श से प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने का आह्वान किया. उन्होंने आजीविका की रक्षा और भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर के उपायों को लागू करने में तमिलनाडु के पूर्ण सहयोग का केंद्र सरकार को आश्वासन भी दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2025 02:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).