Chhattisgarh: छात्र से 200 बार लिखवाया गाली-गलौज शब्द; अंबिकापुर के निजी स्कूल से शिक्षक बर्खास्त
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक निजी स्कूल के शिक्षक ने कक्षा 8 के छात्र को सजा के तौर पर कॉपी में 200 बार अपशब्द (गाली) लिखने को कहा। परिजनों की शिकायत और विवाद बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
- Read in
- English
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर स्थित एक निजी स्कूल में अनुशासन के नाम पर छात्र को अमानवीय सजा देने का गंभीर मामला सामने आया है. कक्षा 8 के एक छात्र को शिक्षक ने सजा के रूप में उसकी कॉपी पर 200 बार एक अपशब्द (गाली) लिखने का निर्देश दिया.
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह भी पढ़ें: Aligarh School Student Beaten: अलीगढ़ में शिक्षक ने छात्र को बेरहमी से पीटा; सीसीटीवी में कैद हुई घटना, वीडियो वायरल
क्या है पूरा मामला?
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा में दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था. इस पर हस्तक्षेप करते हुए शिक्षक ने एक छात्र को सजा दी.
शिक्षक ने छात्र से कहा कि वह वही अपशब्द 100 बार हिंदी में और 100 बार अंग्रेजी में अपनी कॉपी पर लिखे और उस पर अपने माता-पिता के हस्ताक्षर करवाकर लाए.
पिता की शिकायत पर शुरू हुई प्रशासनिक जांच
छात्र ने घर पहुंचकर जब अपनी नोटबुक परिजनों को दिखाई, तो वे हैरान रह गए. छात्र के पिता ने इस सजा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला और अमर्यादित करार दिया.
परिजनों का तर्क था कि एक शिक्षक का काम बच्चे के गलत आचरण में सुधार करना है, न कि उससे बार-बार गाली-गलौज के शब्द लिखवाना. छात्र के पिता ने इस मामले की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से की.
स्कूल प्रशासन ने की शिक्षक की सेवा समाप्त
शिकायत और सार्वजनिक विरोध को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया. स्कूल प्रबंधन ने इस निर्णय की जानकारी शिक्षा विभाग को भी दे दी है.
जिला शिक्षा अधिकारी ने घटना की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमों के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
नियमों के तहत शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना प्रतिबंधित
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम और बाल संरक्षण दिशानिर्देशों के तहत स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देना या उन्हें मानसिक रूप से अपमानित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
अंबिकापुर की इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के तरीकों और शिक्षकों को बाल-अनुकूल व्यवहार के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2026 02:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

