कई बार लोगों की ऐसी शिकायतें आती है कि उनके बिजली का बिल (Electricity Bills) अधिक आया है. तो कई बार घर का मालिक एक दुकानदार या मजदूर लेकिन उसके बिजली का जो बिल है वो हजारों और लाखों में आ जाता है. जिसके बाद वो मीडिया की खबर बनती है और उसके बाद प्रशासन जागती हो और फिर बिल में सुधार करती है. लेकिन ऐसा आपने सुना है कि गांव में बिजली ही न आती हो लेकिन हर महीने बिल जरुर आ जाता है. न्यूज एजेंसी एनआईए की खबर के मुताबिक, मामला छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का है. जहां के परदोल गांव (Paradol village) में लोगों के घर में बिजली तो नहीं पहुंची है लेकिन उसका बिल हर महीने जरुर आता है.
परदोल गांव के स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके गांव में बिजली के सप्लाई हुई नहीं है. घरों में लाईट जलती ही नहीं है. लेकिन हर महीने बिजली का बिल जरुर आ जाता है. उनका कहना है कि इस मसले को लेकर उन्होंने कई बार अधिकारियों को बताया है. लेकिन अभी तक किसी ने सुध लेने की कोशिश तक नहीं की.
बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में पिछले महीने ही अपनी सरकार का पहला बजट पेश किया था, जिसमें किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली बिल आधा करने जैसी कुछ लोकलुभावन घोषणाएं की गयी हैं. जिसमें उपभोक्ताओं को अप्रैल माह में मिलने वाले बिजली बिल पर आधी छूट का लाभ मिलेगा। इसके लिए बजट में 400 करोड़ रूपए का नवीन मद में प्रावधान किया गया है.
गौरतलब हो कि साल 2018 में एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था. जिसने एक इंसान की जान ले ली. दरअसल महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद शहर में बिजली वितरक कंपनी के एक अधिकारी की लापरवाही के कारण सब्जी बेचने वाले शख्स ने खुदकुशी कर ली थी. इस सब्जी बेचने वाले शख्स को 8 लाख 64 हजार रुपये का बिजली का बिल भेजा गया था. इतना ज्यादा बिल देखकर भागिनाथ शेलके परेशान हो गया और अंत में उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.













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