Abhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान भारी हंगामा: पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके हिरासत में लिए गए
मानसून सत्र की शुरुआत को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और संसद के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी. प्रदर्शनकारी सुबह जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और वहां से संसद की दिशा में मार्च करने का प्रयास किया.
Abhijeet Dipke Detained: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों को अश्रुगैस के गोले दागने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इस दौरान पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
संसद भवन के पास तनावपूर्ण स्थिति
मानसून सत्र की शुरुआत को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और संसद के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी. प्रदर्शनकारी सुबह जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और वहां से संसद की दिशा में मार्च करने का प्रयास किया. यह भी पढ़े: Delhi CJP Protest: संसद मार्च के बीच जागा केंद्र प्रशासन; वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलेंगे सीजेपी प्रतिनिधि
सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई. कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स लांघने के प्रयास के बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ी और हल्का बल प्रयोग किया. सुरक्षा के मद्देनजर संसद के कुछ द्वारों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा.
CJP का आरोप: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुआ लाठीचार्ज
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर क्रूरतापूर्वक कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने संसद सदस्यों से अपील की कि वे सड़क पर उतरे छात्रों के समर्थन में आगे आएं.
पार्टी के अनुसार, संसद भवन के समीप स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और कांस्टीट्यूशन क्लब के पास से भी कम से कम सात कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.
दिल्ली पुलिस का रुख और सफाई
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बर्बरता या कड़े लाठीचार्ज के आरोपों को खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल हल्के बल का उपयोग किया गया.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अकारण कोई बल प्रयोग नहीं किया गया है, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए.
परीक्षा सुधारों को लेकर जारी है मांग
यह प्रदर्शन देश में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और परीक्षा सुधारों की मांगों पर केंद्रित था. CJP और उसके समर्थक लंबे समय से इन मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं.
फिलहाल दिल्ली पुलिस और प्रदर्शन के आयोजकों के दावों में भिन्नता बनी हुई है, जबकि पुलिस की इस कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद क्षेत्र में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.