Delhi CJP Protest: संसद मार्च के बीच जागा केंद्र प्रशासन; वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलेंगे सीजेपी प्रतिनिधि
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में छात्रों और युवाओं के 'चलो संसद' मार्च के बीच केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' से संपर्क साधा है. सरकारी आमंत्रण के बाद CJP का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात करने जा रहा है.
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के पहले दिन राजधानी दिल्ली (Delhi) में हजारों छात्रों और युवाओं के उग्र प्रदर्शन के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. महीनों से जारी छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने आखिरकार पहल करते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party) (CJP) को औपचारिक बातचीत (Formal Dialogue) के लिए आमंत्रित किया है.
सोमवार, 20 जुलाई 2026 की दोपहर CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने पुष्टि की कि वे सरकारी निमंत्रण के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता जे.पी. नड्डा से मुलाकात करने जा रहे हैं. यह भी पढ़ें: Sonam Wangchuk: 'मैं बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा हूं', सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मांग बोले सोनम वांगचुक— 'संसद चलो' मार्च में शामिल होने दें
'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की
यह महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे हजारों प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. संसद मार्ग पर हाई-सिक्योरिटी जोन में लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. हालांकि, नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस की तरफ से किसी भी प्रकार के बल का प्रयोग नहीं किया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल संयम बरता जा रहा है.
कैबिनेट स्तर की वार्ता पर अड़े थे प्रदर्शनकारी
सूत्रों के अनुसार, गतिरोध को खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस के माध्यम से कई दौर की बातचीत हुई। CJP प्रतिनिधिमंडल ने शुरुआत में स्थानीय जिला प्रशासन, केंद्रीय सचिवों या राज्य मंत्रियों (MoS) के साथ बैठक करने के शुरुआती प्रस्तावों को खारिज कर दिया था. संगठन ने स्पष्ट रुख अपनाया था कि वे केवल कैबिनेट स्तर के मंत्री या प्रधानमंत्री स्तर के नेतृत्व से ही बातचीत करेंगे, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ यह बैठक तय हुई.
सरकार की बातचीत शुरू करने के साथ ही सौरव दास और आशुतोष रांका जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे
क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें?
NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुए इस आंदोलन को देश भर के कई प्रमुख विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों का समर्थन मिला हुआ है. छात्र संगठन की मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- देश की परीक्षा प्रणाली में विफलता और धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा.
- प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए कड़े कानूनी एवं ढांचागत सुधार.
- परीक्षा धांधली से तनाव में आकर जान गंवाने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देना.
फिलहाल, CJP प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के बीच होने वाली इस बैठक के संभावित नतीजों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. हालांकि, इस प्रस्तावित वार्ता को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.