NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक पर सीबीआई का बड़ा खुलासा; व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भेजे गए थे एनक्रिप्टेड पेपर

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में डिजिटल नेटवर्क की कार्यप्रणाली का खुलासा किया है. जांच के अनुसार, आरोपियों ने परीक्षा से पहले पासवर्ड-प्रोटेक्टेड पीडीएफ और व्हाट्सएप-टेलीग्राम के माध्यम से एनक्रिप्टेड प्रश्न पत्र विभिन्न राज्यों में प्रसारित किए थे.

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) के प्रश्न पत्र लीक मामले में अपनी जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक गिरोह ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों को लीक करने और बांटने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड डिजिटल फाइलों का इस्तेमाल किया था.

जांच में सामने आया है कि गिरोह ने बहुस्तरीय (Multi-tier) नेटवर्क के जरिए कई राज्यों में पासवर्ड-प्रोटेक्टेड पीडीएफ फाइलों के रूप में लीक प्रश्न पत्र पहुंचाए थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बचा जा सके. यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026: OMR शीट में गड़बड़ी का आरोप लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 6 उम्मीदवार; शीर्ष अदालत सुनवाई को तैयार

पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फाइलों और क्लाउड के जरिए बंटवारा

सीबीआई द्वारा दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, लीक की शुरुआत 3 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा से कुछ सप्ताह पहले ही हो गई थी. संदिग्धों ने प्रश्न पत्रों के सेट हासिल करने के बाद उन्हें डिजिटाइज कर पासवर्ड से सुरक्षित पीडीएफ में बदला और क्लाउड चैनलों व मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से साझा किया.

इस लीक सामग्री को बिचौलियों, कोचिंग सेंटर संचालकों और अभ्यर्थियों को लाखों से लेकर दहाई लाख रुपये तक में बेचा गया. पासवर्ड देने या डिजिटल फाइल का लिंक साझा करने से पहले गिरोह अभ्यर्थियों से उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र (Original Certificates) और पोस्ट-डेटेड चेक गारंटी के तौर पर जमा कराता था.

BNS और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत आरोप पत्र

सीबीआई ने इस मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के विषय विशेषज्ञों, कोचिंग सेंटर प्रबंधकों और मुख्य मध्यस्थों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने के आरोप लगाए गए हैं.

रद्द हुई थी 3 मई की परीक्षा, 21 जून को हुआ था री-टेस्ट

उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में देशभर से 22.7 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे. मैसेजिंग ऐप्स पर प्रसारित 'अनुमानित पेपरों' और वास्तविक प्रश्न पत्र में समानता की शिकायतों व अनियमितताओं के बाद NTA ने 12 मई 2026 को 3 मई की परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया था. इसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा (Re-test) आयोजित की गई थी.

फिलहाल नई दिल्ली की विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों में इस मामले की सुनवाई जारी है, जहां सीबीआई वित्तीय लेनदेन, डिजिटल फॉरेंसिक लॉग्स और गिरोह के नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है.

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