Chembur Cat Killings: मुंबई के चेंबूर में करीब 20 बिल्लियों की नृशंस हत्या; शव क्षत-विक्षत मिलने पर RCF पुलिस ने दर्ज की FIR, पेटा इंडिया ने रखा ₹50,000 का इनाम
पूर्वी मुंबई के चेंबूर स्थित पांजरापोल इलाके में करीब 20 बिल्लियों के क्षत-विक्षत और क्षत-विच्छेदित शव मिलने से सनसनी फैल गई है। स्थानीय पशु देखभालकर्ता की शिकायत और पशु कल्याण संस्था 'पेटा इंडिया' के हस्तक्षेप के बाद आरसीएफ पुलिस स्टेशन ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
मुंबई: पूर्वी उपनगर के चेंबूर स्थित पांजरापोल इलाके में पशु क्रूरता का एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है. इलाके में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान लगभग 20 बेसहारा बिल्लियों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में पाए गए हैं.
इस सिलसिलेवार क्रूरता के सामने आने के बाद पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया (PETA India) ने स्थानीय देखभालकर्ता के साथ मिलकर चेंबूर के आरसीएफ (RCF) पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों का सुराग देने वाले को ₹50,000 का नकद इनाम देने का ऐलान किया गया है. यह भी पढ़ें: Mumbai Cat Killer News: मुंबई पुलिस को सीरियल कैट किलर की तलाश, गोवंडी में 6 बिल्लियों की हत्या का आरोप
अगस्त से शुरू हुआ सिलसिला, सितंबर में मिले अंग कटे शव
इस भयावह घटनाक्रम का खुलासा स्थानीय स्तर पर बेसहारा पशुओं को खाना खिलाने और उनकी देखभाल करने वाली रुबीना पठान के माध्यम से हुआ:
- अगस्त में शुरुआती शव मिले: रुबीना पठान को अगस्त महीने के दौरान पांजरापोल-कामाख्यावाड़ी इलाके में पहली बार कुछ बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव मिले थे.
- 4 सितंबर को 6 और शव बरामद: घटना की गंभीरता 4 सितंबर को तब बढ़ गई, जब उन्होंने छह और बिल्लियों के शव बरामद किए, जिनके आंतरिक अंग बाहर निकले हुए थे और शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव थे.
- 5 सितंबर को घायल बिल्ली का बच्चा: अगली ही सुबह, 5 सितंबर को एक और मृत बिल्ली मिली, जबकि एक नवजात बिल्ली का बच्चा (Kitten) अत्यधिक घायल और तड़पती हालत में पाया गया.
BNS की धारा 325 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत FIR दर्ज
आरसीएफ पुलिस ने 9 सितंबर को औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया:
- दर्ज कानूनी धाराएं: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण (PCA) अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a) और 11(1)(l) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.
- सख्त सजा का प्रावधान: नए आपराधिक कानून बीएनएस की धारा 325 के तहत किसी भी पशु को मारने, जहर देने, अपंग करने या गंभीर चोट पहुंचाने को संज्ञेय अपराध माना गया है, जिसमें अधिकतम पांच वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान है.
- सीसीटीवी फुटेज की जांच: आरसीएफ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रेय पाटिल के नेतृत्व में पुलिस टीमें आसपास की सोसायटियों और सार्वजनिक मार्गों पर लगे सुरक्षा कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों को चिन्हित किया जा सके.
पेटा इंडिया ने घोषित किया ₹50,000 का इनाम
पेटा इंडिया ने इस अपराध को अंजाम देने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि कराने वाली पुख्ता जानकारी देने वाले को ₹50,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है:
- सूचना साझा करने के लिए लोग संस्था से info@petaindia.org पर संपर्क कर सकते हैं, जहां अनुरोध करने पर सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
- पेटा इंडिया की क्रुएल्टी रिस्पॉन्स ऑफिसर ईशानी राठी ने कहा कि जो लोग जानवरों के प्रति इस स्तर की हिंसक क्रूरता करते हैं, वे अक्सर समाज और इंसानों के लिए भी गंभीर खतरा बन जाते हैं.
अपराध विज्ञान का हवाला: समाज के लिए खतरे की घंटी
PETA India द्वारा जारी बयान में फॉरेंसिक और क्रिमिनोलॉजी अनुसंधानों का हवाला देते हुए बताया गया है कि मूक पशुओं पर क्रूर हमले करने वाले अपराधी भविष्य में हत्या, लूट और अन्य हिंसक अपराधों में लिप्त पाए जाते हैं.
स्थानीय निवासियों और पशु प्रेमियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और इस नृशंस घटना के जिम्मेदार अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए.