कल का मौसम: पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में 12 जुलाई का मौसम कैसा रहेगा? यहां जानें

मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने 12 जुलाई को बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है. अररिया, किशनगंज, मधुबनी और सुपौल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

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कल का मौसम:  मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने बिहार में मानसून के सक्रिय होने के चलते 12 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्व और उत्तर-मध्य बिहार के कुछ जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है.

चार जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी

मौसम विभाग ने रविवार, 12 जुलाई को राज्य के चार प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में अररिया, किशनगंज, मधुबनी और सुपौल शामिल हैं. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है.  यह भी पढ़े:  कल का मौसम: IMD का अलर्ट, लखनऊ, आगरा समेत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 12 जुलाई को होगी भारी बारिश

इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं. इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

पटना समेत दक्षिण बिहार का हाल

राजधानी पटना और उसके आसपास के जिलों (नालंदा, जहानाबाद, गया, बेगूसराय, औरंगाबाद, और रोहतास) में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. पटना में 12 जुलाई को अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है. इन इलाकों में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर छिटपुट बौछारें या हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी.

 सुरक्षा निर्देश

बिहार में जुलाई महीने के शुरुआती दिनों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने के बाद अब बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के प्रभाव से पुरवा हवाओं ने जोर पकड़ा है. पिछले 24 घंटों में भी राज्य के मध्य और पूर्वी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है.

आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि किसान और आम नागरिक गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले खेतों से दूर रहें. ग्रामीण इलाकों में वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

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