बिहार में जनवरी से सितंबर महीने तक रोजाना 4 रेप या गैंगरेप के मामले दर्ज
साल 2020 में जनवरी से सितंबर के बीच बिहार में हर दिन दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के 4 मामले दर्ज किए गए हैं. सुलिस विभाग के सूत्रों के बताया राज्य के पुलिस थानों में ऐसे कुल 1,106 मामले दर्ज किए गए. आईएएनएस को मिले आंकड़ों के अनुसार जून में सबसे ज्यादा 152 मामले, जुलाई 149 मामले और अगस्त 139 मामले दर्ज हुए.
पटना, 20 दिसंबर: साल 2020 में जनवरी से सितंबर के बीच बिहार (Bihar) में हर दिन दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के 4 मामले दर्ज किए गए हैं. सुलिस विभाग के सूत्रों के बताया राज्य के पुलिस थानों में ऐसे कुल 1,106 मामले दर्ज किए गए. आईएएनएस को मिले आंकड़ों के अनुसार जून में सबसे ज्यादा 152 मामले, जुलाई 149 मामले और अगस्त 139 मामले दर्ज हुए. इससे पहले जनवरी में 88, फरवरी में 105, मार्च में 129, अप्रैल में 82, मई में 120, और सितंबर में 142 मामले दर्ज किए गए.
इतना ही नहीं, दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं के अलावा बिहार के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में छेड़छाड़ और शोषण या ब्लैकमेलिंग के भी रोजाना 6 से 7 मामले दर्ज किए जाते हैं. पटना (Patna) के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म अपराध के अलावा एक सामाजिक मुद्दा भी है. इसलिए हमने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि अपराध के बारे में युवाओं को शिक्षित करने के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक अभियान शुरू करें."यह भी पढ़े: उत्तर प्रदेश: प्रेमी ने बंदूक की नोंक किया दुष्कर्म, आरोपी और परिजनों के खिलाफ ‘लव जिहाद’ का मामला दर्ज.
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम में भी लगभग 1,800 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की गई हैं. अधिकारी ने कहा कि बिहार की कठोर हकीकत यह है कि 90 प्रतिशत शिकायतों पर तो एफआईआर ही दर्ज नहीं होती.वुमन हेल्पलाइन की प्रोजेक्ट मैनेजर प्रमिला कुमारी (Pramila Kumari) कहती हैं, "पुलिस जांच के दौरान पीड़ित लोग एफआईआर दर्ज कराने और सामाजिक मुद्दों के चलते मामलों को आगे बढ़ाने में संकोच करते हैं. साथ ही दुष्कर्म के अधिकांश मामलों में आरोपी कोई परिचित व्यक्ति या रिश्तेदार ही होते हैं. इसके बाद भी हम प्रत्येक पीड़ित की काउंसलिंग करते हैं, लेकिन यह पीड़ितों पर निर्भर है कि वह मामले को आगे बढ़ाए या नहीं."
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हाल ही में, 15 दिसंबर को भोजपुर (Bhojpur) जिले के पीरो (Peero) गांव में एक दलित बच्ची के साथ युवाओं ने सामूहिक दुष्कर्म किया, उसके परिजनों को भी मारा गया, जातिसूचक शब्द कहे गए. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच में देरी कर दी. 9 दिसंबर को बांका जिले में 16 साल की एक लड़की का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. 19 अक्टूबर को बिहार के किशनगंज जिले में 19 साल की युवती के साथ 3 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था.
बांका (Banka) के एसपी (SP) अरविंद गुप्ता (Arvind Gupta) ने कहा, "हमने महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है. हमने पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता और परामर्श देने के निर्देश दिए हैं. 16 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में, हमने तुरंत एक टीम का गठन किया और आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी करके पकड़ लिया था."
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2020 05:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

