30 जुलाई की बड़ी खबरें
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पाकिस्तान में चेकपॉइंट पर हुए हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत
अमेरिकी हमले में दो साल के बच्चे समेत तीन की मौत: ईरानी मीडिया
सिंगापुर में प्रैंक करना भारी पड़ा, छात्र पर लगा 400 यूरो का जुर्माना
सिंगापुर में ड्रिंकिंग स्ट्रॉ को चाटकर वापस डिस्पेंसर में रखने वाले 19 वर्षीय फ्रांसीसी छात्र पर 600 सिंगापुर डॉलर (लगभग 400 यूरो) का जुर्माना लगाया गया है. छात्र ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
यह घटना मार्च महीने की है. आरोपी छात्र ने जूस वेंडिंग मशीन से स्ट्रॉ निकाला, उसे चाटा और फिर वापस रख दिया. उसने इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड किया, जो वायरल हो गया. मशीन चलाने वाली कंपनी के कर्मचारी ने वीडियो देखकर पुलिस से शिकायत की. इसके बाद मशीन के सभी 500 स्ट्रॉ बदलने पड़े. हालांकि, इससे कंपनी को केवल पांच सिंगापुर डॉलर का ही नुकसान हुआ.
अदालत में सुनवाई के दौरान छात्र के वकील ने बताया कि उसे अपनी गलती का पछतावा है. इस मामले में जेल की सजा भी हो सकती थी, लेकिन वह इससे बच गया. हालांकि, अधिकारियों द्वारा उसका स्टूडेंट पास रद्द किया जाएगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है.
अमेरिकी हमले में दो साल के बच्चे समेत तीन की मौत: ईरानी मीडिया
ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है. ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, मृतकों में माता-पिता और उनका दो साल का बच्चा शामिल है. यह हमला चाह तांगू इलाके में स्थित एक रिहायशी घर पर हुआ. इस घटना में परिवार के दो अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं.
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने बुधवार, 29 जुलाई को देर रात ईरान में भारी हमले किए. इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया. निशाना बनाए गए ठिकानों में सैन्य कमान केंद्र, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा तटीय निगरानी, रक्षा ठिकाने और समुद्री क्षमताओं को भी तबाह किया गया है.
अमेरिकी सेना के मुताबिक उसने हमलों की अपनी यह बड़ी लहर पूरी कर ली है. सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई मंगलवार, 28 जुलाई को अमेरिकी बलों पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में की गई. अमेरिका के अनुसार इन हमलों का मकसद अमेरिकी सेना, व्यापारिक जहाजों और खाड़ी देशों के लिए ईरान से पैदा होने वाले खतरों को कम करना है.
पाकिस्तान में चेकपॉइंट पर हुए हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार, 29 जुलाई को सशस्त्र उग्रवादियों ने एक चेकपॉइंट पर हमला कर दिया. पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि इस हमले में नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, हमले के बाद हुई गोलीबारी में 15 उग्रवादी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए.
यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हांगू जिले में हुआ. सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो स्टेटमेंट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन डीडब्ल्यू इसकी पुष्टि नहीं करता है. टीटीपी ने इस इलाके में अपने हमले तेज कर दिए हैं.
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इससे पहले 24 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के टांक जिले में उग्रवादियों ने विस्फोटकों से लदा वाहन एक चेकपॉइंट में घुसा दिया था. इस हमले में सैनिकों, पुलिस अफसरों और सरकारी अधिकारियों समेत 15 लोगों की मौत हुई थी. सेना के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने भी 12 उग्रवादियों को मार गिराया था.
हालिया समय में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत में होने वाले उग्रवादी हमलों में बढ़ोतरी हुई है. पाकिस्तान इसके लिए अफगानिस्तान में पनपने वाले उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराता है लेकिन अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इससे पूरी तरह इनकार कर करती है. इसके चलते दोनों देशों के बीच रुक-रुककर लड़ाई भी होती रहती है.
असम में बाढ़ की वजह से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 78 हुआ, सात जिले प्रभावित
असम में बाढ़ की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राज्य के सात जिलों के 551 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रभावित जिलों में तीन लाख से अधिक लोगों पर बाढ़ ने असर डाला है और 21,500 हेक्टेयर फसल को भी नुकसान पहुंचाया है. प्रभावित जिलों में शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, बिश्वनाथ, कामरूप (मेट्रो) और चराइदेव शामिल हैं.
राज्य सरकार के मुताबिक, बाढ़ के चलते जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 9 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. 30 दिन से अधिक समय से लापता लोगों के परिजनों को चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी. राज्य सरकार एक लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को जरूरतें पूरी करने के लिए 15,000 रुपये की नकद मदद भी देगी. बाढ़ के चलते मार्कशीट गंवा देने वाले बच्चों को मुफ्त में नई मार्कशीट जारी की जाएगी.
शिवसागर विधानसभा सीट से विधायक अखिल गोगोई ने मांग की है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी की जाए. उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते हुए विनाश को देखते हुए यह मदद बेहद नाकाफी है. वहीं, सीपीआई-एमएल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि असम की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. पार्टी का कहना है कि यह बाढ़ सिर्फ भारी बारिश के चलते नहीं, बल्कि बेरोकटोक खनन, पर्यावरण को हुए नुकसान और बाढ़ प्रबंधन के खराब बुनियादी ढांचे की वजह से बढ़ी है.