भारत बंद: 8 और 9 जनवरी को बैंक हड़ताल, कर्नाटक में KSRTC और BMTC ने भी दिया समर्थन, बस और रिक्शा रहेंगे ठप
सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने केंद्र सरकार के विरोध में 8 और 9 जनवरी को हड़ताल की घोषणा की है. ट्रेड यूनियन का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के विरोध में हैं. इसके साथ ही यूनियन का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार व्यापारियों के खिलाफ दमनकारी नीति चला रही है. जिसके विरोध में बंद का आह्वान किया गया है.
सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने केंद्र सरकार के विरोध में 8 और 9 जनवरी को हड़ताल की घोषणा की है. ट्रेड यूनियन का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के विरोध में हैं. इसके साथ ही यूनियन का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार व्यापारियों के खिलाफ दमनकारी नीति चला रही है. जिसके विरोध में बंद का आह्वान किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बंद में किसान भी हिस्सा लेंगे. सीपीआई के अतुल कुमार अंजान ने बताया कि 8 और 9 जनवरी को रेल रोको, रोड रोको के साथ प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश की आम जनता के साथ-साथ केंद्र सरकार की नीतियों से किसान भी परेशान हो चुके हैं. इसी को देखते हुए किसानों ने अपना समर्थन दिया है. किसान अपने-अपने क्षेत्रों में रोड जाम करेंगे जिससे कि देशव्यापी हड़ताल सफल हो सके.
इस बंद से कर्नाटक पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, क्यों कि इस बंद के लिए अब राज्य में KSRTC और BMTC भी आगे आ चुकी है. 8 और 9 जनवरी को अब कर्नाटक में रिक्शा और बस सेवाएं बंद रहेंगी. कर्नाटक में इस हड़ताल के दौरान प्रदेशवासियों को यात्रा, बैंक सहित अन्य कई कामकाजों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
जानिए कर्नाटक में क्या पड़ेगा बंद का प्रभाव
परिवहन: कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) और बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के कर्मचारी भारत बंद के विरोध में भाग लेंगे जिसके कारण लाखों यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. KSRTC स्टॉफ एंड वर्कर्स फेडरेशन के एक कोषाध्यक्ष, चंद्रगौड़ा एस, ने कहा, "हम सड़क सुरक्षा बिल के खिलाफ हैं जो ड्राइवरों को निशाना बनाते हैं. उन्होंने कहा "लगभग 1.25 लाख कर्मचारी इस हड़ताल में भाग लेंगे और 26,500 बसें नहीं चलेंगी. इसमें बीएमटीसी सेवाएं भी शामिल हैं. राज्य में बंद के दौरान ऐप-आधारित टैक्सी, हवाई अड्डे की टैक्सी, एक्सप्रेस ट्रेनें, मेट्रो ट्रेनें और उड़ानें संचालित रहेंगी.
बैंकिंग सेवाएं: भारत बंद के विरोध में कर्नाटक में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ेगा. अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ और बैंक कर्मचारी महासंघ ने हड़ताल में अपनी भागीदारी की घोषणा की है. बैंक के कर्मचारी संघ के निदेशक विश्वास त्यागी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि 25 करोड़ कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, जो असंगठित क्षेत्र से बड़े पैमाने पर और बैंकों से 6 लाख हैं." आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इलाहाबाद बैंक जैसे कई बैंकों ने बीएसई को सूचित किया है कि इस हड़ताल के दौरान उनकी सेवाएं बाधित रहेंगी.
बीमा, दूरसंचार और मनोरंजन: बीएसएनएल, एलआईसी और जीआईसी के कर्मचारी भारत बंद के आह्वान पर अपना समर्थन देने के लिए काम नहीं करेंगे. कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एसए चिन्ने गौड़ा ने कहा कि अगर विरोध हिंसक हुआ तो वे स्क्रीनिंग बुलाएंगे.
स्कूल और कॉलेज: भारत बंद के दौरान कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थान खुले रहेंगे. शैक्षणिक संस्थानों को इस हड़ताल से दूर रखने का फैसला किया गया है. हालांकि कुछ स्कूलों ने 8 और 9 जनवरी को छुट्टी की घोषणा की है. कर्नाटक में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के महासचिव शशि कुमार ने एसोसिएटेड मैनेजमेन्ट्स के लिए छुट्टी की घोषणा की है, उन्होंने TOI को बताया कि वे हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं, स्कूलों से छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2019 06:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

