Punjab: CM भगवंत मान का शिक्षा पर बड़ा फैसला- प्राइवेट स्कूलों के फीस बढ़ाने पर लगाई रोक
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बुधवार को शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़े फैसले लिए हैं. सीएम मान ने निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी है. यानी इस सत्र में होने वाले एडमिशन में फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा दूसरा बड़ा फैसला यह लिया है कि कोई भी स्कूल किसी खास दुकान से बुक और ड्रेस खरीदने के लिए नहीं कहेगा.
पंजाब के सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने बुधवार को शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़े फैसले लिए हैं. सीएम मान ने निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी है. यानी इस सत्र में होने वाले एडमिशन में फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा दूसरा बड़ा फैसला यह लिया है कि कोई भी स्कूल किसी खास दुकान से बुक और ड्रेस खरीदने के लिए नहीं कहेगा. अभिभावक अपनी सहूलियत के हिसाब से किताब-ड्रेस किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे. Punjab मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान, पंजाब में शुरू होगी डोर स्टेप डिलीवरी.
बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निजी स्कूलों को स्कूल फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी है. इसके अलावा स्कूल अब अभिभावकों को किताबे, ड्रेस और अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे. अभिभावक अपनी पसंद की दुकानों से किताबे और अन्य सामान खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे.
सीएम भगवंत मान का बड़ा फैसला
पंजाब में शिक्षा इतनी महंगी हो गई कि आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है।
इसलिए आज हमने फैसला लिया है कि कोई प्राइवेट स्कूल इस सेशन में फीस नहीं बढ़ा सकेगा और किसी एक दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा।
हम मनुष्य के तीसरे नेत्र विद्या को व्यापार नहीं बनने देंगे pic.twitter.com/WycWPdMVrG
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 30, 2022
सीएम भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब में शिक्षा इतनी महंगी हो गई कि आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है, इसलिए आज हमने फैसला लिया है कि कोई प्राइवेट स्कूल इस सेशन में फीस नहीं बढ़ा सकेगा और किसी एक दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा. हम मनुष्य के तीसरे नेत्र विद्या को व्यापार नहीं बनने देंगे.
सीएम भगवंत मान के इस बड़े फैसले से राज्य के सैकड़ों-हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी, जिनमें से कई बढ़ती फीस के कारण स्कूल बदलने को मजबूर हैं, या पढ़ाई और उससे संबंधित अन्य खर्चे से मजबूर और परेशान है. अब अभिभावक किसी विशेष दुकान से किताबें, स्टेशनरी और स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर नहीं होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2022 05:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

