खबर हटके: भागलपुर में सांप के काटने के बाद उसे डिब्बे बंद कर जिंदा लेकर अस्पताल पहुंचा शख्स, देखकर हैरान रह गए लोग
बिहार के भागलपुर जिले से एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक खेत में काम कर रहे व्यक्ति को जहरीले सांप ने काट लिया. आमतौर पर सांप के काटने पर लोग घबरा जाते हैं
खबर हटके: बिहार के भागलपुर जिले से एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक खेत में काम कर रहे व्यक्ति को जहरीले सांप ने काट लिया. आमतौर पर सांप के काटने पर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन इस शख्स ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को पकड़कर प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर लिया. इसके बाद वह सांप वाले डिब्बे को लेकर सीधे सदर अस्पताल पहुंच गया.
डॉक्टरों को पहचान कराने के लिए उठाया अनोखा कदम
अस्पताल पहुंचे मरीज प्रकाश मंडल ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर गलतफहमी या सांप की सही प्रजाति का पता न होने के कारण इलाज में देरी हो जाती है. डॉक्टर यह समझ नहीं पाते कि सांप जहरीला था या बिना जहर वाला. इसी दुविधा को खत्म करने के लिए उसने सांप को डिब्बे में बंद किया और डॉक्टरों को दिखाया ताकि सही एंटी-वेनम (प्रतिविष) दिया जा सके. यह भी पढ़े: Ranchi Liquor Shop News: रांची में वाइन शॉप में घुसी बंदरिया, शराब पीकर दुकान के अंदर ही झपकी लेने लगी; देखें VIDEO
अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप, डॉक्टरों ने शुरू किया इलाज
जब मरीज हाथ में सांप वाला डिब्बा लेकर आपातकालीन वार्ड में घुसा, तो वहां मौजूद अन्य मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया. हालांकि, आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने स्थिति को संभाला और मरीज की त्वरित जांच शुरू की. डॉक्टरों ने सांप को देखकर पहचान की कि यह अत्यधिक विषैला 'रसेल वाइपर' (Russell's Viper) था.
डॉक्टरों की राय और स्वास्थ्य अपडेट
डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को समय पर अस्पताल लाया गया, जिससे एंटी-वेनम इंजेक्शन तुरंत दिया जा सका. सांप की सही पहचान होने से इलाज प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आई. प्राथमिक उपचार और निगरानी के बाद मरीज की हालत में सुधार दर्ज किया गया है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है.
सर्पदंश के मामलों में विशेषज्ञों की चेतावनी
पशु विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, सांप के काटने पर उसे दोबारा पकड़ने का प्रयास करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इससे दोबारा काटे जाने का जोखिम बढ़ जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए और झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टरी इलाज पर भरोसा करना चाहिए.