186 Drug Samples Fail in Test: सर्दी, बुखार और दर्द की दवा खाने वाले सावधान! 186 दवाओं के सैंपल फेल, जांच में जुटा ड्रग कंट्रोल विभाग
मेडिसिन/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

186 Drug Samples Fail in Test: देश में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली दवाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मई 2025 में केंद्र और राज्य सरकारों की दवा जांच प्रयोगशालाओं ने कुल 186 दवाओं के सैंपल को "नॉन स्टैंडर्ड क्वालिटी" (NSQ) यानी घटिया गुणवत्ता वाली घोषित किया है. इसमें से 58 दवा सैंपल्स को केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं और 128 सैंपल्स को राज्य की प्रयोगशालाओं ने घटिया पाया है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने जानकारी दी कि बिहार राज्य से दो दवा सैंपल्स को नकली (Spurious) घोषित किया गया है.

ये दवाएं ऐसी कंपनियों द्वारा बनाई गई थीं, जिनके पास न तो लाइसेंस था और न ही वे ब्रांड उनके अपने थे. यानी ये दवाएं किसी और कंपनी के ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल करके बनाई गई थीं.

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कौन-सी दवाएं हुई फेल?

जिन दवाओं को NSQ घोषित किया गया है, वे सभी किसी न किसी गुणवत्ता जांच के मानक में फेल हुई हैं. यानी हो सकता है किसी दवा में एक्टिव इंग्रेडिएंट कम हो, किसी की एक्सपायरी गलत हो या किसी की पैकिंग और स्टोरेज स्टैंडर्ड के अनुसार न हो.

CDSCO ने कहा है कि जिस बैच के सैंपल की जांच की गई है, खराबी उसी में है. इसका मतलब यह नहीं कि उस ब्रांड की सभी दवाएं खराब हैं.

सरकार की सख्त निगरानी

CDSCO ने बताया कि घटिया और नकली दवाओं की पहचान का काम नियमित रूप से किया जाता है. केंद्र और राज्य की एजेंसियां आपस में मिलकर इस पर काम करती हैं. ताकि बाजार में खराब दवाएं लोगों तक न पहुंच पाएं.

नकली दवाएं तैयार करने वालों के खिलाफ दवा अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी. बिहार में मिली नकली दवाओं के मामले की जांच शुरू हो चुकी है. जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या करें आम लोग?

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा ही खरीदें.
  • सस्ती और अनजान ब्रांड की दवाएं न लें.
  • दवा की पैकिंग, एक्सपायरी और मैन्युफैक्चरिंग डिटेल ज़रूर जांचें.
  • किसी भी दवा से साइड इफेक्ट हो तो तुरंत डॉक्टर को जानकारी दें.

देश में दवाओं की गुणवत्ता पर सरकार की निगरानी बढ़ती जा रही है, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहना जरूरी है.