BEST AC Bus Update: बेस्ट ने 200 नॉन-एसी मिडी CNG बसों के लिए टेंडर जारी किए, GCC वेट लीज मॉडल के तहत होगी खरीद
मुंबई में मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए बेस्ट (BEST) उपक्रम ने वेट लीज मॉडल के तहत 200 नॉन-एसी मिडी सीएनजी बसों को बेड़े में शामिल करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं.
BEST Bus Update: बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (BEST) उपक्रम ने मुंबई में मेट्रो कॉरिडोर के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और फीडर सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 200 नॉन-एसी मिडी (MIDI) सीएनजी बसों को किराए पर लेने का फैसला किया है. इसके लिए 'ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट' (GCC) या वेट लीज मॉडल के तहत टेंडर आमंत्रित किए गए हैं. कर्मचारी यूनियनों और यात्री संगठनों के विरोध के बावजूद बेस्ट प्रशासन ने यह निविदा प्रक्रिया शुरू की है.
निविदा प्रक्रिया और आपूर्ति की शर्तें
इस टेंडर के लिए ₹29 लाख की बयाना राशि (EMD) तय की गई है. अनुबंध 10 वर्षों के लिए होगा, जिसमें प्रत्येक बस का मासिक संचालन न्यूनतम 4,500 किलोमीटर होना अनिवार्य है. निविदा प्रक्रिया की मुख्य तिथियां और शर्तें इस प्रकार हैं:
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प्री-बिड बैठक: 6 अगस्त को आयोजित होगी.
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अंतिम तिथि: 24 अगस्त तक बोलियां जमा की जा सकती हैं.
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तकनीकी और वित्तीय बोलियां: क्रमशः 27 और 28 अगस्त को खोली जाएंगी.
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बसों की डिलीवरी: सफल बोलीदाता को लेटर ऑफ एसेप्टेंस (LoA) मिलने के 60 दिनों के भीतर प्रोटोटाइप बस पेश करनी होगी. इसके बाद 120 दिनों में पहली 50 बसें, 150 दिनों में अगली 50 बसें और 180 दिनों में शेष 100 बसें सौंपनी होंगी.
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चालक प्रशिक्षण: ऑपरेटर को ड्राइवरों के प्रशिक्षण के लिए 2 अतिरिक्त बसें मुफ्त उपलब्ध करानी होंगी.
डिपो आवंटन और रूट दक्षता
ऑपरेटिंग दक्षता बढ़ाने और खाली किमी (Dead Kilometers) की बर्बादी रोकने के लिए इन 200 बसों को चार प्रमुख डिपो—विक्रोली, मरोल, मालाड और वडाला—में बांटा जाएगा. प्रत्येक डिपो में 50-50 बसें तैनात रहेंगी. इन बसों की सभी सेवाएं इन्हीं डिपो से शुरू और समाप्त होंगी.
छोटी मिडी बसों का महत्व और वर्तमान बेड़ा
अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के तंग रास्तों, संकरी अंदरूनी सड़कों और ट्रैफिक वाले इलाकों में बड़े आकार की बसों की तुलना में मिडी बसें आसानी से मुड़ सकती हैं. मेट्रो स्टेशनों से आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने के लिए यह काफी प्रभावी साबित होंगी.
वर्तमान में बेस्ट के बेड़े में कुल 2,829 बसें हैं, जिनमें से केवल 249 बसें ही बेस्ट के स्वामित्व वाली हैं. शेष बसें वेट लीज मॉडल पर संचालित हो रही हैं. स्व-स्वामित्व वाली 249 बसों में से 42 मिडी बसें (36 डीजल और 6 इलेक्ट्रिक) हैं. इसके अलावा, बेस्ट 640 जीसीसी-संचालित मिडी बसों का भी संचालन कर रहा है.
कर्मचारी यूनियनों का विरोध
वेट लीज (GCC) मॉडल के तहत निजी ऑपरेटर ही बसों की खरीद, रखरखाव और ड्राइवरों-कंडक्टरों की तैनाती करते हैं, जबकि बेस्ट केवल रूट, समय सारणी और किराए का नियंत्रण रखता है. कर्मचारी यूनियनों और परिवहन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निजी ठेकेदारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और हादसों का जोखिम बढ़ा है. हालांकि, बेस्ट प्रशासन का तर्क है कि वित्तीय दक्षता और बेड़े के विस्तार के लिए यह मॉडल आवश्यक है.