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अयोध्या फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया

बता दें कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 16 अक्टूबर को इस विवादास्पद मुद्दे पर अपनी सुनवाई पूरी की थी. पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.ए. नजीर शामिल हैं.

अयोध्या फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया
राम मंदिर (Photo Credits: PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया. हिंदू मुख्य गुंबद को ही जन्म का सही स्थान मानते हैं और विवादित स्थल पर ही पूजा करते रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या जमीन विवाद मामले में कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी. अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था. एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने फैसला सुनाना शुरू कर दिया है और कहा है कि इसमें 30 मिनट लगेंगे.

वहीं, अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है. अदालत की पीठ ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया. शिया बोर्ड ने मामले में याचिका दायर कर कहा था कि विवादित स्थल उसे सौंपा जाना चाहिए क्योंकि मस्जिद बनाने वाला शिया था. लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया.

बता दें कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 16 अक्टूबर को इस विवादास्पद मुद्दे पर अपनी सुनवाई पूरी की थी. पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.ए. नजीर शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2019 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).