Pune Auto Fare Hike: पुणे में महंगा हो सकता है ऑटो रिक्शा का सफर; आरटीओ ने न्यूनतम किराया ₹30 करने के प्रस्ताव को दी मंजूरी
पुणे में ऑटो रिक्शा का सफर जल्द ही महंगा हो सकता है. पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने रिक्शा यूनियनों की मांग पर किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के पास अंतिम निर्णय के लिए भेज दिया है. प्रस्ताव मंजूर होने पर न्यूनतम किराया 25 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो जाएगा.
पुणे: महाराष्ट्र (Maharashtra) की सांस्कृतिक व आईटी राजधानी पुणे में ऑटो रिक्शा (Auto-Rickshaw) से यात्रा करना जल्द ही आम नागरिकों की जेब पर भारी पड़ सकता है. पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने ऑटो रिक्शा चालक यूनियनों द्वारा प्रस्तुत किराया संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.
इस प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता वाली क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) की समिति के समक्ष रखा जाएगा. समिति की अंतिम मुहर के बाद शहर में ऑटो रिक्शा का नया किराया ढांचा लागू कर दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: Vasai-Virar News: अब मुंबई की तरह वसई-विरार में भी टैक्सी-ऑटो मीटर से चलेंगे, किराया वसूली के लिए 15 नवंबर अंतिम डेट
जानिए किराए में कितना होगा बदलाव?
प्रस्तावित नए किराए के तहत पहले 1.5 किलोमीटर के न्यूनतम किराए में 5 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी. वहीं, इसके बाद प्रति किलोमीटर दर में भी 3 रुपये का इजाफा होगा.
| भाड़ा घटक | वर्तमान दर | प्रस्तावित नई दर |
| न्यूनतम किराया (पहले 1.5 किमी) | ₹25 | ₹30 |
| प्रति किलोमीटर दर (इसके बाद) | ₹17 | ₹20 |
क्यों बढ़ाई जा रही है ऑटो रिक्शा की दरें?
ऑटो रिक्शा चालक यूनियनों का तर्क है कि सीएनजी (CNG) और पारंपारिक ईंधन की कीमतों में हुई लगातार बढ़ोतरी के कारण ऑटो का परिचालन खर्च काफी बढ़ गया है. सीएनजी दरें बढ़ने से मौजूदा किराए पर ऑटो चलाना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा साबित हो रहा है.
यूनियनों की इस मांग का अध्ययन करने के बाद पुणे आरटीओ ने नया किराया ढांचा तैयार किया और इसे आरटीए (RTA) की आगामी बैठक में समीक्षा के लिए भेजा है.
दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
पुणे में लगभग 1.3 लाख ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं, जो पीएमपीएमएल (PMPML) बसों के साथ शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं. दोनों माध्यम मिलकर प्रतिदिन लगभग 20 लाख यात्री यात्राओं को पूरा करते हैं.
किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों, महिलाओं और प्रतिदिन आवाजाही करने वाले लाखों आम यात्रियों के मासिक बजट पर पड़ेगा. अंतिम फैसला अब आरटीए की आगामी बैठक के निर्णय पर टिका है.