Assam: शहरों, कस्बों व गांवों के नाम बदलने के लिए बनेगा पोर्टल, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने की घोषणा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार शहरों, कस्बों और गांवों के नाम बदलने पर लोगों के सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल शुरू करेगी जो भारत की संस्कृति के विपरीत और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है.
देश में शहरों, कस्बों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने बड़ा ऐलान किया है. असम (Assam) सरकार एक ऐसा पोर्टन शुरू करने जा रही है जिसमें जनता अब सरकार को किसी स्थान का नाम बदलने के लिए सुझाव दे सकती है. राहुल गांधी आधुनिक दिनों के जिन्ना हैं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर गरमाई सियासत, तेलंगाना के CM ने इस्तीफे की मांग की.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार शहरों, कस्बों और गांवों के नाम बदलने पर लोगों के सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल शुरू करेगी जो भारत की संस्कृति के विपरीत और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है.
असम के CM का ट्वीट
THERE’S MUCH IN A NAME
Name of a city, town or village should represent its culture, tradition & civilisation.
We shall launch a portal to invite suggestions on change of names across Assam which are contrary to our civilisation, culture & derogatory to any caste or community.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) February 16, 2022
मुख्यमंत्री ने अपने एक ट्वीट में लिखा, "किसी शहर, कस्बे या गांव का नाम "उसकी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करने वाला होना चाहिए." "एक नाम में बहुत कुछ है एक शहर, कस्बे या गांव का नाम उसकी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करना चाहिए. हम पूरे असम में नामों के परिवर्तन पर सुझाव आमंत्रित करने के लिए एक पोर्टल लॉन्च करेंगे जो हमारी सभ्यता, संस्कृति और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक हैं.”
इससे पहले मंगलवार को गुवाहाटी के कालापहाड़ में एक मेडिकल कॉलेज के भूमि पूजन समारोह में बोलते हुए, सीएम सरमा ने घोषणा की थी कि असम सरकार उन स्थानों और गांवों के नाम बदल देगी जो राज्य की संस्कृति और परंपरा के अनुरूप नहीं हैं.
उन्होंने कहा, 'कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जिनका नाम मोहल्ले के लोग नहीं लेना चाहते. कुछ समुदायों में ऐसे स्थान हैं जिनका नाम द्वेष के कारण रखा गया है, इसे बदलना होगा."
गुवाहाटी में कालापहाड़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "इस नाम को हटाना होगा, मैंने स्थानीय विधायक से लोगों से परामर्श करने और एक उपयुक्त नाम सुझाने का आग्रह किया है." कालापहाड़ का नाम बंगाल सल्तनत कालापहाड़ के तानाशाह मुस्लिम जनरल के नाम पर रखा गया था. वह प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार था."
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 16, 2022 11:03 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

