असम: काजीरंगा नेशनल पार्क और बोकाहाट टाइगर रिजर्व में बाढ़ से मची तबाही, 14 गैंडों समेत 129 जानवरों की मौत
असम में आया बाढ़ इंसानों के साथ ही जानवरों की जिंदगी पर भी भारी पड़ रहा है. बाढ़ से असम के काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व, बोकाहाट का बुरा हाल हो गया है. यहां अधिकांश क्षेत्र पानी में डूबे हुए है. हर ओर तबाही का मंजर है. जिस वजह से अब तक 14 गैंडों समेत 129 जानवरो की मौत हुई है.
गुवाहाटी: असम (Assam) में आया बाढ़ इंसानों के साथ ही जानवरों की जिंदगी पर भी भारी पड़ रहा है. बाढ़ से असम के काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) और टाइगर रिजर्व, बोकाहाट (Tiger Reserve, Bokahat) का बुरा हाल हो गया है. यहां अधिकांश क्षेत्र पानी में डूबे हुए है. हर ओर तबाही का मंजर है. जिस वजह से अब तक 14 गैंडों (Rhino) समेत 129 जानवरो की मौत हुई है. जबकि इससे जुड़े बहुत सारे लोगों की आजीविका भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने असम सरकार के हवाले से बताया कि अब तक डूबने और अन्य कारणों से काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व, बोकाहाट में 129 जानवर हताहत हुए है. इसमें 14 गैंडे, 5 जंगली भैंसे, 8 जंगली सूअर, 2 स्वाम्प हिरण, 95 हॉग डियर, 1 सांभर, 3 साही और 1 अजगर शामिल हैं. पूर्वोत्तर और बिहार में बाढ़ से बुरे हाल: 70 लाख लोग हुए प्रभावित- 44 की मौत, 90 फीसदी तक जलमग्न हुआ काजीरंगा नेशनल पार्क
वर्तमान में बाढ़ से काजीरंगा नेशनल पार्क का लगभग 90 फीसदी भाग डूबा हुआ है. इससे जंगली जानवरों को बाहर निकलकर ऊंचाई वाले स्थानों को जाने को मजबूर होना पड़ा है. बाढ़ के पानी से बीते एक हफ्ते से शिकार विरोधी कैंप भी डूबे हुए हैं. पार्क के अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है क्योंकि जल स्तर में कमी होती दिख रही है.
पूरे काजीरंगा नेशनल पार्क में जानवरों की देखभाल के लिए सभी प्रयास किए गए हैं. एक अधिकारी के मुताबिक गांव के लोगों के साथ वन विभाग के कर्मचारी परेशान जानवरों को बचाने के काम में जुटे हुए हैं. अब तक 15 से अधिक जानवर राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मारे गए है. 1908 में बना काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 2,200 से अधिक एक सींग वाले भारतीय गैंडों का घर है, जो दुनिया की कुल आबादी का लगभग दो-तिहाई माना जाता है.